{"_id":"5adcc1034f1c1bc03d8b473e","slug":"91524416771-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटिकरण प्रक्रिया पर भड़का राजकीय शिक्षक संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटिकरण प्रक्रिया पर भड़का राजकीय शिक्षक संघ
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने स्थानांतरण एक्ट के अनुपालन में विद्यालयों के कोटिकरण प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। आरोप लगाया कि सुगम-दुर्गम का निर्धारण करते समय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को शामिल किए जाने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मनमाने ढंग से कोटिकरण निर्धारण कर दिया गया। उन्होंने कोटिकरण को समाप्त करने की मांग की।
राजकीय शिक्षक संघ के कार्यालय में ब्लॉक अध्यक्ष अव्वल सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे शिक्षक सुगम में आने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मनमानी से कोटिकरण लागू कर दिया है। इससे पूर्व में दुर्गम में की गई सेवा का लाभ न दिए जाने और सुगम-दुर्गम निर्धारण के लिए श्रेणियों को समाप्त करने से विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। इसका खामियाजा आने वाले समय में शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा। साथ ही इससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
इस मौके पर जयदीप रावत, मोहन सिंह चौहान, राजेश कुकरेती, राजेंद्र भंडारी, मनमोहन रौतेला, आशीष खर्कवाल, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, डबल सिंह, धीरेंद्र रावत, डा. सौरभ मिश्रा, संजय रावत, बलवीर सिंह रावत, मुकेश रावत, बलवीर सिंह नेगी, पंकज ध्यानी, जगदीश जोशी, अमित बलूनी, विजेंद्र तोमर व कुलदीप सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय शिक्षक संघ के कार्यालय में ब्लॉक अध्यक्ष अव्वल सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे शिक्षक सुगम में आने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मनमानी से कोटिकरण लागू कर दिया है। इससे पूर्व में दुर्गम में की गई सेवा का लाभ न दिए जाने और सुगम-दुर्गम निर्धारण के लिए श्रेणियों को समाप्त करने से विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। इसका खामियाजा आने वाले समय में शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा। साथ ही इससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन
इस मौके पर जयदीप रावत, मोहन सिंह चौहान, राजेश कुकरेती, राजेंद्र भंडारी, मनमोहन रौतेला, आशीष खर्कवाल, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, डबल सिंह, धीरेंद्र रावत, डा. सौरभ मिश्रा, संजय रावत, बलवीर सिंह रावत, मुकेश रावत, बलवीर सिंह नेगी, पंकज ध्यानी, जगदीश जोशी, अमित बलूनी, विजेंद्र तोमर व कुलदीप सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन