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वार्डों के आरक्षण पर टिकी संभावित दावेदारों की धड़कनें
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:32 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र में ओबीसी मतदाताओं की गणना सोमवार शाम तक पूरी हो जाएगी। इससे ही वार्डों में आरक्षण तय होगा। कई वार्डों में संभावित दावेदार आरक्षण की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं होने से खामोश बैठे हैं। वे आरक्षण सूची जारी होने के साथ चुनाव मैदान में कूदने को बेताब हैं। शहर में शामिल ग्रामीण इलाकों के जनप्रतिनिधि कोर्ट के फैसले की अगली सुनवाई को लेकर दुविधा में फंसे हैं।
कोटद्वार नगर निगम बनने के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहा है। नगर पालिका में 11 वार्ड शामिल थे। सीमा विस्तार के बाद 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को शहर में जोड़कर कोटद्वार को नगर निगम का दर्जा मिल एक लाख 35 हजार आबादी के साथ नगर निगम में वार्ड संख्या बढ़कर 40 पहुंच गई।
अप्रैल में चुनाव होने संभावित हैं। इसको लेकर निगम प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ओबीसी परिवारों की गणना की जा रही है। गणना के लिए 40 टीमों में 80 कर्मचारी लगाए गए हैं। अनुसूचित जाति की गणना पूर्व में हो चुकी है। अनुसूचित जाति एवं ओबीसी की गणना के आधार पर वार्डों में आरक्षण लागू होगा। आरक्षण को लेकर संभावित दावेदारों में बेचैनी है। ऐसे दावेदार जनता के बीच लगातार सक्रिय तो हैं, लेकिन खुलकर दावेदारी नहीं ठोक पा रहे हैं।
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शहर में शामिल ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के बस्ते जमा करने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। प्रदेश के दूसरे नगर निकायों की तरह कोटद्वार में भी सीमा विस्तार का पुरजोर विरोध हुआ। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों के बस्ते जमा करवाने के सरकार के फैसले के विरोध में कोर्ट से स्टे लिया है।
कोट
मतदाता पुनर्निरीक्षण कार्य के साथ ओबीसी मतदाताओं की गणना पांच फरवरी को पूरी हो जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद वार्डों में आरक्षण की सूची जारी होगी। -वीपी भट्ट, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम
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कोटद्वार नगर निगम बनने के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहा है। नगर पालिका में 11 वार्ड शामिल थे। सीमा विस्तार के बाद 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को शहर में जोड़कर कोटद्वार को नगर निगम का दर्जा मिल एक लाख 35 हजार आबादी के साथ नगर निगम में वार्ड संख्या बढ़कर 40 पहुंच गई।
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अप्रैल में चुनाव होने संभावित हैं। इसको लेकर निगम प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ओबीसी परिवारों की गणना की जा रही है। गणना के लिए 40 टीमों में 80 कर्मचारी लगाए गए हैं। अनुसूचित जाति की गणना पूर्व में हो चुकी है। अनुसूचित जाति एवं ओबीसी की गणना के आधार पर वार्डों में आरक्षण लागू होगा। आरक्षण को लेकर संभावित दावेदारों में बेचैनी है। ऐसे दावेदार जनता के बीच लगातार सक्रिय तो हैं, लेकिन खुलकर दावेदारी नहीं ठोक पा रहे हैं।
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शहर में शामिल ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के बस्ते जमा करने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। प्रदेश के दूसरे नगर निकायों की तरह कोटद्वार में भी सीमा विस्तार का पुरजोर विरोध हुआ। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों के बस्ते जमा करवाने के सरकार के फैसले के विरोध में कोर्ट से स्टे लिया है।
कोट
मतदाता पुनर्निरीक्षण कार्य के साथ ओबीसी मतदाताओं की गणना पांच फरवरी को पूरी हो जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद वार्डों में आरक्षण की सूची जारी होगी। -वीपी भट्ट, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम