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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनुकृति ने कसी कमर
Updated Mon, 17 Dec 2018 09:55 PM IST
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लैंसडौन। लैंसडौन निवासी मिस इंडिया अनुकृति गुसाईं रावत ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया कि वह अमर उजाला के अपराजिता अभियान से प्रेरित होकर महिला उत्थान एवं बाल कल्याण संस्था के तहत महिलाओं को कटिंग और टेलरिंग के माध्यम से प्रशिक्षित कर रही है। कोटद्वार क्षेत्र में उनकी संस्था कार्य कर रही है। कोटद्वार में कई दर्जन महिलाएं इस संस्थान के माध्यम से इस कार्य को बखूबी अंजाम दे रही है। उनके द्वारा तैयार उत्पाद लोगोें को खूब भा भी रहे हैं। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को अच्छा बाजार भी मिला है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी योजना लैंसडौन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाने की है।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बाद अब अमर उजाला का अपराजिता महाभियान महिलाओं को उनकी गरिमा दिलाने व उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनूठा कदम है। महिलाओं को उनकी शक्ति का एहसास कराना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इस अभियान का एक हिस्सा है। वह नारियों को उनकी शक्ति का एहसास कराने व उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर व सुरक्षित होंगी, तो देश व समाज प्रगति करेगा। उनकी मंशा इस अभियान को दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाने की है। अनुकृति ने कहा कि बेटियों व महिलाओं को शिक्षित करने के साथ ही रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी योजना लैंसडौन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाने की है।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बाद अब अमर उजाला का अपराजिता महाभियान महिलाओं को उनकी गरिमा दिलाने व उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनूठा कदम है। महिलाओं को उनकी शक्ति का एहसास कराना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इस अभियान का एक हिस्सा है। वह नारियों को उनकी शक्ति का एहसास कराने व उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर व सुरक्षित होंगी, तो देश व समाज प्रगति करेगा। उनकी मंशा इस अभियान को दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाने की है। अनुकृति ने कहा कि बेटियों व महिलाओं को शिक्षित करने के साथ ही रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
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