{"_id":"5b843c0242c792465b689bb8","slug":"81535392770-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिंवाई स्रोत से कई आवासीय भवनों के ढहने का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिंवाई स्रोत से कई आवासीय भवनों के ढहने का खतरा
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। बीते शनिवार को सालभर बाद दूसरी बार आई आपदा से गिंवईस्रोत के कई आवासीय भवनों पर ढहने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही गदेरे की ओर से सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई तो उफनाया गदेरा कई और भवनों को अपनी चपेट में ले लेगा। बारिश होने पर लोग घर छोड़कर अन्यत्र शरण ले रहे हैं।
ग्रामीण सर्वेश्वर प्रसाद, महबूब अली, मोहम्मद स्माइल, कुलदीप सिंह, नाजिमा बेगम, मंजू देवी, मुस्ताक अली, संदीप चंद्र, रमेश चंद्र, जगत सिंह, राजेश्वरी नेगी, ऋषि व नीरज देवी का कहना है कि गत वर्ष की आपदा में भी गिंवईस्रोत उफनाकर बह रहा था। गत वर्ष बनाई गई सुरक्षा दीवार इस बार की आपदा को नहीं झेल सकी। यही वजह है कि गिंवईस्रोत गदेरा दीपक का भवन लील गया। इसके आसपास के अन्य आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ और भूकटाव की भयावहता बता दी है। त्रिलोक चंद्र, शेर बहादुर, दिल बहादुर, संदीप चंद्र, प्रेमलता और भगत बहादुर का कहना है कि बाढ़ से गांव के तटवर्ती क्षेत्र में भूकटाव हो गया है, जिससे एक दर्जन मकानों को खतरा बना है। ग्रामीणों ने नदी को चैनलाइज कर मकानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाने और ग्रामीणों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
फोटो समाचार
विज्ञापन
ग्रामीण सर्वेश्वर प्रसाद, महबूब अली, मोहम्मद स्माइल, कुलदीप सिंह, नाजिमा बेगम, मंजू देवी, मुस्ताक अली, संदीप चंद्र, रमेश चंद्र, जगत सिंह, राजेश्वरी नेगी, ऋषि व नीरज देवी का कहना है कि गत वर्ष की आपदा में भी गिंवईस्रोत उफनाकर बह रहा था। गत वर्ष बनाई गई सुरक्षा दीवार इस बार की आपदा को नहीं झेल सकी। यही वजह है कि गिंवईस्रोत गदेरा दीपक का भवन लील गया। इसके आसपास के अन्य आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ और भूकटाव की भयावहता बता दी है। त्रिलोक चंद्र, शेर बहादुर, दिल बहादुर, संदीप चंद्र, प्रेमलता और भगत बहादुर का कहना है कि बाढ़ से गांव के तटवर्ती क्षेत्र में भूकटाव हो गया है, जिससे एक दर्जन मकानों को खतरा बना है। ग्रामीणों ने नदी को चैनलाइज कर मकानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाने और ग्रामीणों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
फोटो समाचार