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एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने का आदेश तुगलकी फरमान
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। प्रदेश सरकार के द्वारा सभी विद्यालयों में रूप से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के शासनादेश जारी होने के बाद प्रशासन ने कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्रों के प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक आयोजित की, जिसमें प्राइवेट स्कूल संचालकों को अनिवार्य रूप से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम को लागू कराने के सख्त निर्देश दिए।
सोमवार को बीआरसी सभागार में आयोजित बैठक मेें प्राइवेट स्कूल संचालकों ने प्रदेश सरकार के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश को तुगलकी फरमान करार दिया। कहा कि एनसीईआरटी किताब के विक्रेताओं को उचित मुनाफा नहीं दे रहा है, जिसके कारण किताब विक्रेता एनसीआरटी किताबें लाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
उप शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने कहा कि जिन विषयों की किताबें सूची में शामिल नहीं हैं, उसे स्कूल अन्य पब्लिकेशन से ले सकता है। एसडीएम राकेश तिवारी ने कहा कि शासनादेश का अनुपालन करना सभी स्कूलों को अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों में छापे मारे जाएंगे। एनसीईआरटी के अलावा अन्य किताबें पाई जाने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को बीआरसी सभागार में आयोजित बैठक मेें प्राइवेट स्कूल संचालकों ने प्रदेश सरकार के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश को तुगलकी फरमान करार दिया। कहा कि एनसीईआरटी किताब के विक्रेताओं को उचित मुनाफा नहीं दे रहा है, जिसके कारण किताब विक्रेता एनसीआरटी किताबें लाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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उप शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने कहा कि जिन विषयों की किताबें सूची में शामिल नहीं हैं, उसे स्कूल अन्य पब्लिकेशन से ले सकता है। एसडीएम राकेश तिवारी ने कहा कि शासनादेश का अनुपालन करना सभी स्कूलों को अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों में छापे मारे जाएंगे। एनसीईआरटी के अलावा अन्य किताबें पाई जाने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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