{"_id":"5c5efde9bdec224c164ecae6","slug":"71549729257-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वी नयार में बही छात्रा नेहा का नहीं चला पता, नदी में उतरे जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वी नयार में बही छात्रा नेहा का नहीं चला पता, नदी में उतरे जवान
विज्ञापन
Search campaign
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बैजरो/कोटद्वार। बीरोंखाल ब्लाक के बैजरों में पूर्वी नयार नदी में बही दूसरी छात्रा नेहा (11) का दूसरे दिन भी पता नहीं चल पाया है। छात्रा का पता नहीं चलने पर शाम को राजस्व पुलिस, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान बंद कर दिया है। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि रविवार को दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
शुक्रवार सुबह बापता गांव की अमीषा (14) पुत्री दिनेश सिंह और नेहा (11) पुत्री शिशुपाल सिंह गांव से नदी के पार स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शार्टकट रास्ते से स्कूल जाते समय पूर्वी नयार नदी में बह गई थी। घटना के कुछ घंटे बाद ही जहां ग्रामीणों ने अमीषा का शव नदी से बरामद कर लिया था, वहीं नेहा का अभी तक पता नहीं चल पाया है। थलीसैंण के थानाध्यक्ष मनोज गैरोला ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद जहां नदी का पानी मटमैला हो गया, जिससे नदी तल पर कुछ नजर नहीं आया।
उधर, पूर्वी नयार में गांव की दो बेटियों के डूबने के बाद से बापता गांव में शोक की लहर है। गांव में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेश रावत ने बताया कि घटना के बाद दिल्ली से गांव पहुंचे नेहा के पिता शिशुपाल सिंह रावत और उनके परिजन पूरे दिन नदी तट पर बेसुध होकर घूमते रहे। उधर, अमीषा के पिता दुबई में नौकरी करते हैं और घटना की सूचना मिलते ही वे लौट आए हैं।
शुक्रवार सुबह बापता गांव की अमीषा (14) पुत्री दिनेश सिंह और नेहा (11) पुत्री शिशुपाल सिंह गांव से नदी के पार स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शार्टकट रास्ते से स्कूल जाते समय पूर्वी नयार नदी में बह गई थी। घटना के कुछ घंटे बाद ही जहां ग्रामीणों ने अमीषा का शव नदी से बरामद कर लिया था, वहीं नेहा का अभी तक पता नहीं चल पाया है। थलीसैंण के थानाध्यक्ष मनोज गैरोला ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद जहां नदी का पानी मटमैला हो गया, जिससे नदी तल पर कुछ नजर नहीं आया।
विज्ञापन
उधर, पूर्वी नयार में गांव की दो बेटियों के डूबने के बाद से बापता गांव में शोक की लहर है। गांव में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेश रावत ने बताया कि घटना के बाद दिल्ली से गांव पहुंचे नेहा के पिता शिशुपाल सिंह रावत और उनके परिजन पूरे दिन नदी तट पर बेसुध होकर घूमते रहे। उधर, अमीषा के पिता दुबई में नौकरी करते हैं और घटना की सूचना मिलते ही वे लौट आए हैं।
विज्ञापन