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नववर्ष के जश्न को पर्यटन नगरी लैंसडौन में उमड़ी पर्यटकों की भीड़
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लैंसडौन। नववर्ष का जश्न मनाने और वर्ष 2018 की विदाई के लिए पर्यटन नगरी लैंसडौन में पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी है। लैंसडौन और आस-पास के सभी होटल-रिजॉर्ट, लॉज एवं स्थाई टैंट, होम स्टे आनलाइन बुक हो चुके हैं। नववर्ष के जश्न को लेकर होटलों, आवास गृहों की ओर से सैलानियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां देश के विभिन्न प्रांतों से पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, अगले दो दिनों में करीब चार हजार पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
प्राकृतिक खूबसूरती से परिपूर्ण पयर्टन नगरी लैंसडौन में थर्टी फर्स्ट और नए साल का जश्न मनाने के लिए हर साल बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। इस बार भी यह सिलसिला बरकरार है। रविवार को देर शाम तक सैलानियों के आने का सिलसिला जारी रहा। अधिकांश पर्यटक कई दिन पहले ही ऑनलाइन बुकिंग करा चुके हैं। पर्यटक थर्टी फर्स्ट सेलीब्रेशन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाश रहे हैं, जिससे वे प्राकृतिक सौंदर्य से भरी इस नगरी में रुक कर नववर्ष का जोरदार जश्न मना सके। कई होटल मालिकों ने नववर्ष का जश्न मनाने के लिए डीजे की अनुमति प्रशासन से ली है।
होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय ढौंडियाल का कहना है कि एक माह पहले ही यहां होटलों, हट्स, लॉज, टैंटों की बुकिंग हो चुकी है। लैंसडौन और आसपास नए होटल-रिजॉर्ट बनने से इस बार सब पर्यटकों को रुकने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। बताया कि इस वर्ष भी 4000 से अधिक पर्यटक लैंसडौन पहुंच रहे है। लैंसडौन, जयहरीखाल, गुमखाल, हटनियां, डेरियाखाल, पालकोट, बरस्वार, फतेहपुर, सिसल्डी, घांघलीखाल, चैलूसैंण मार्ग के लगभग सभी होटल बुक हो चुके हैं। लैंसडौन में बर्फ से ढकी चोटियों के नजारों के साथ ही कई बार बदलता मौसम भी पर्यटकों को खूब लुभाता है। नगर के मनोरम स्थल, टिप इन टाप, भुल्ला ताल, भीमपकोड़ा, कालेश्वर मंदिर, गढ़वाली म्यूजियम, सी-21 बमवर्षक जहाज, मैनवारिंग गार्डन, दुर्गा मंदिर आदि आकर्षण का केंद्र बने हैं। इसके अलावा पयर्टक 41 किमी. दूर ताड़केश्वर मंदिर, भैरवगढ़ी की धार्मिक और अलौकिकता से भी प्रभावित हो रहे हैं। फतेहपुर स्थित रिवर कैंप साइड टैंटों में भी पर्यटक रुके हैं।
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प्राकृतिक खूबसूरती से परिपूर्ण पयर्टन नगरी लैंसडौन में थर्टी फर्स्ट और नए साल का जश्न मनाने के लिए हर साल बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। इस बार भी यह सिलसिला बरकरार है। रविवार को देर शाम तक सैलानियों के आने का सिलसिला जारी रहा। अधिकांश पर्यटक कई दिन पहले ही ऑनलाइन बुकिंग करा चुके हैं। पर्यटक थर्टी फर्स्ट सेलीब्रेशन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाश रहे हैं, जिससे वे प्राकृतिक सौंदर्य से भरी इस नगरी में रुक कर नववर्ष का जोरदार जश्न मना सके। कई होटल मालिकों ने नववर्ष का जश्न मनाने के लिए डीजे की अनुमति प्रशासन से ली है।
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होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय ढौंडियाल का कहना है कि एक माह पहले ही यहां होटलों, हट्स, लॉज, टैंटों की बुकिंग हो चुकी है। लैंसडौन और आसपास नए होटल-रिजॉर्ट बनने से इस बार सब पर्यटकों को रुकने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। बताया कि इस वर्ष भी 4000 से अधिक पर्यटक लैंसडौन पहुंच रहे है। लैंसडौन, जयहरीखाल, गुमखाल, हटनियां, डेरियाखाल, पालकोट, बरस्वार, फतेहपुर, सिसल्डी, घांघलीखाल, चैलूसैंण मार्ग के लगभग सभी होटल बुक हो चुके हैं। लैंसडौन में बर्फ से ढकी चोटियों के नजारों के साथ ही कई बार बदलता मौसम भी पर्यटकों को खूब लुभाता है। नगर के मनोरम स्थल, टिप इन टाप, भुल्ला ताल, भीमपकोड़ा, कालेश्वर मंदिर, गढ़वाली म्यूजियम, सी-21 बमवर्षक जहाज, मैनवारिंग गार्डन, दुर्गा मंदिर आदि आकर्षण का केंद्र बने हैं। इसके अलावा पयर्टक 41 किमी. दूर ताड़केश्वर मंदिर, भैरवगढ़ी की धार्मिक और अलौकिकता से भी प्रभावित हो रहे हैं। फतेहपुर स्थित रिवर कैंप साइड टैंटों में भी पर्यटक रुके हैं।
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