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व्यापारियों ने दिया कैंट बोर्ड को स्वतंत्र निकाय बनाने का प्रस्ताव
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:11 PM IST
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लैंसडौन। व्यापार मंडल लैंसडौन की बैठक में छावनी परिषद को स्वतंत्र निकाय बनाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है। व्यापारियों ने कहा कि छावनी परिषद के अध्यक्ष का चुनाव जनमत से कराया जाए, नहीं तो सिविल क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए।
हिंदू पंचायती धर्मशाला में व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश ध्यानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने छावनी क्षेत्रों में निवास कर रही जनता से छावनी एक्ट व भूमि कानून में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए सुझाव मांगे हैं। इसके संदर्भ में व्यापार मंडल ने अपने सुझाव कमेटी के एडिशनल डीजी, सदस्य सचिव एक्सपर्ट कमेटी रक्षा संपदा भवन दिल्ली को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छावनी परिषद के अधिनियम जनता के हित को देेखते हुए बनाए जाएं। यदि कैंट बोर्ड में ऐसा संभव नहीं है तो छावनी परिषद के सिविल क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए, या फिर नजदीकी नगर पालिका में शामिल कर दिया जाए। व्यापारियों ने ए वन की भूमि पर चल रही व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने, छावनी परिषद द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए आवंटित दुकानों के नियमितीकरण करने, लीज व ओल्ड ग्रांट की भूमि का मालिकाना हक लीजधारकों को देने, लीज की भूमि को फ्री-होल्ड करने, छावनी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति बनानेे, छावनी अध्यक्ष का निर्वाचन सिविल जनता के बीच से करने के सुझाव प्रस्ताव में भेजे हैं। बैठक में उपाध्यक्ष रोशन शाह, सलीमउर्रहमान, सचिव गुलाब सिंह, संरक्षक हरिप्रसाद खंडेलवाल, राजेश्वर गुप्ता व कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल मौजूद रहे।
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हिंदू पंचायती धर्मशाला में व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश ध्यानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने छावनी क्षेत्रों में निवास कर रही जनता से छावनी एक्ट व भूमि कानून में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए सुझाव मांगे हैं। इसके संदर्भ में व्यापार मंडल ने अपने सुझाव कमेटी के एडिशनल डीजी, सदस्य सचिव एक्सपर्ट कमेटी रक्षा संपदा भवन दिल्ली को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छावनी परिषद के अधिनियम जनता के हित को देेखते हुए बनाए जाएं। यदि कैंट बोर्ड में ऐसा संभव नहीं है तो छावनी परिषद के सिविल क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाए, या फिर नजदीकी नगर पालिका में शामिल कर दिया जाए। व्यापारियों ने ए वन की भूमि पर चल रही व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने, छावनी परिषद द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए आवंटित दुकानों के नियमितीकरण करने, लीज व ओल्ड ग्रांट की भूमि का मालिकाना हक लीजधारकों को देने, लीज की भूमि को फ्री-होल्ड करने, छावनी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति बनानेे, छावनी अध्यक्ष का निर्वाचन सिविल जनता के बीच से करने के सुझाव प्रस्ताव में भेजे हैं। बैठक में उपाध्यक्ष रोशन शाह, सलीमउर्रहमान, सचिव गुलाब सिंह, संरक्षक हरिप्रसाद खंडेलवाल, राजेश्वर गुप्ता व कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल मौजूद रहे।
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