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सेना भर्ती रैली में पकड़े गए यूपी के 22 मुन्ना भाई-compat
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। यहां सेना भर्ती रैली के दौरान मंगलवार को सेना के जवानों ने उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों से भर्ती पहुंचे 22 मुन्ना भाइयों को सेना के जवानों ने धर दबोचा। सेना ने युवकों के दस्तावेज यूपी-उत्तराखंड भर्ती जोन को भेजकर जांच शुरू कर दी है।
यहां गबर सिंह कैंप में सेना भर्ती के तहत मंगलवार तड़के चार बजे हरिद्वार जिले की रुड़की, हरिद्वार, लक्सर और देहरादून जिले की विकासनगर तहसील की भर्ती प्रक्रिया के तहत युवा लाइन पर लगकर अपने ऑनलाइन प्रवेश पत्र की जांच करा रहे थे। तभी सेना के अधिकारियों को एक प्रवेश पत्र पर लगी फोटो और बार कोड की फोटो में अंतर दिखाई दिया। उन्होंने युवक को बिना बताए एक तरफ बैठा दिया। इसके बाद एक के बाद एक सुबह छह बजे तक 22 मुन्ना भाई पकड़ में आ गए। उन्हें कैंप के अस्थायी कार्यालय के पास ले जाकर सेना जवानों की निगरानी में बैठा दिया गया।
सेना के अधिकारियों के सख्ती से पूछताछ करने में मुन्ना भाइयों ने बताया कि उन्हें दलालों ने दस हजार रुपये में रुड़की, हरिद्वार के स्थायी निवास, आधार कार्ड, चरित्र और अविवाहित होने के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए थे। भर्ती होने के बाद उन्हें दलाल को तीन लाख रुपये देने थे। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम गौरव कुमार, घनश्याम, मोनू कुमार, साहिल, अजय कुमार, कार्तिक कुमार, रजत कुमार (सभी निवासी सहारनपुर), ब्रजेश कुमार, सुमित, कमल कुमार, हुसैन (निवासी शामली, मुजफ्फरनगर), आकाश (अलीगढ़), जोगेंद्र, संदीप सिंह, अमित कुमार, कुलदीप सिंह, मनीष कुमार (बुलंदशहर), मनोज (मुजफ्फरनगर), अनीश तोमर, विमल कुमार (हापुड़), आजाद कुमार और पवन सिंह (मेरठ) बताया।
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सेना भर्ती निदेशक कर्नल आरएस चट्ठा ने बताया कि फर्जी कागजातों के साथ पकड़ में आए युवाओं के कागजात सेना के उत्तराखंड और यूपी भर्ती जोन को भेजकर जांच की जा रही है।
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यहां गबर सिंह कैंप में सेना भर्ती के तहत मंगलवार तड़के चार बजे हरिद्वार जिले की रुड़की, हरिद्वार, लक्सर और देहरादून जिले की विकासनगर तहसील की भर्ती प्रक्रिया के तहत युवा लाइन पर लगकर अपने ऑनलाइन प्रवेश पत्र की जांच करा रहे थे। तभी सेना के अधिकारियों को एक प्रवेश पत्र पर लगी फोटो और बार कोड की फोटो में अंतर दिखाई दिया। उन्होंने युवक को बिना बताए एक तरफ बैठा दिया। इसके बाद एक के बाद एक सुबह छह बजे तक 22 मुन्ना भाई पकड़ में आ गए। उन्हें कैंप के अस्थायी कार्यालय के पास ले जाकर सेना जवानों की निगरानी में बैठा दिया गया।
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सेना के अधिकारियों के सख्ती से पूछताछ करने में मुन्ना भाइयों ने बताया कि उन्हें दलालों ने दस हजार रुपये में रुड़की, हरिद्वार के स्थायी निवास, आधार कार्ड, चरित्र और अविवाहित होने के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए थे। भर्ती होने के बाद उन्हें दलाल को तीन लाख रुपये देने थे। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम गौरव कुमार, घनश्याम, मोनू कुमार, साहिल, अजय कुमार, कार्तिक कुमार, रजत कुमार (सभी निवासी सहारनपुर), ब्रजेश कुमार, सुमित, कमल कुमार, हुसैन (निवासी शामली, मुजफ्फरनगर), आकाश (अलीगढ़), जोगेंद्र, संदीप सिंह, अमित कुमार, कुलदीप सिंह, मनीष कुमार (बुलंदशहर), मनोज (मुजफ्फरनगर), अनीश तोमर, विमल कुमार (हापुड़), आजाद कुमार और पवन सिंह (मेरठ) बताया।
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सेना भर्ती निदेशक कर्नल आरएस चट्ठा ने बताया कि फर्जी कागजातों के साथ पकड़ में आए युवाओं के कागजात सेना के उत्तराखंड और यूपी भर्ती जोन को भेजकर जांच की जा रही है।