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संविदा विद्युत कर्मी को बर्खाख्त करने पर भड़का कर्मचारी संगठन
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:31 PM IST
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कोटद्वार। यमकेश्वर विकासखंड में ऊर्जा निगम के एक संविदा कर्मी को बर्खास्त करने से उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन भड़का हुआ है। संगठन ने मंगलवार को विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम किया और अधिशासी अभियंता को अल्टीमेटम देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारी को नौकरी पर बहाल करने की मांग की।
उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन की मंगलवार को कोटद्वार में हुई बैठक में यमकेश्वर में तैनात टीजी-टू संविदा कर्मी को बिना जांच के सीधे बर्खास्त करने पर विरोध जताया गया। कहा कि एक उपभोक्ता की झूठी शिकायत पर कर्मचारी को बिना जांच के सीधे बर्खास्त किया जाना गलत है। संगठन की ओर से इस कदम का काली पट्टी बांधकर विरोध किया गया। खंडीय सचिव सोहन सिंह असवाल ने कहा कि संगठन की ओर से अधिशासी अभियंता कोटद्वार को अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है। कहा कि ऐसी झूठी शिकायतों से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। कहा कि निष्पक्ष जांच हुई तो आरोपी कर्मचारी निर्दोष साबित होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कर्मचारी को बहाल नहीं किया गया तो बिना पूर्व सूचना के धरना-प्रदर्शन और टूल डाउन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। काली पट्टी बांधकर विरोध करने वालों में विजय चौधरी, शेर सिंह पटवाल, मनमोहन, रविंद्र चौधरी व सुबोध कुमार आदि शामिल थे। उधर, अधिशासी अभियंता आरआर सिंह ने बताया कि उपभोक्ता ने मामले की उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है।
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उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन की मंगलवार को कोटद्वार में हुई बैठक में यमकेश्वर में तैनात टीजी-टू संविदा कर्मी को बिना जांच के सीधे बर्खास्त करने पर विरोध जताया गया। कहा कि एक उपभोक्ता की झूठी शिकायत पर कर्मचारी को बिना जांच के सीधे बर्खास्त किया जाना गलत है। संगठन की ओर से इस कदम का काली पट्टी बांधकर विरोध किया गया। खंडीय सचिव सोहन सिंह असवाल ने कहा कि संगठन की ओर से अधिशासी अभियंता कोटद्वार को अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है। कहा कि ऐसी झूठी शिकायतों से कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। कहा कि निष्पक्ष जांच हुई तो आरोपी कर्मचारी निर्दोष साबित होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कर्मचारी को बहाल नहीं किया गया तो बिना पूर्व सूचना के धरना-प्रदर्शन और टूल डाउन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। काली पट्टी बांधकर विरोध करने वालों में विजय चौधरी, शेर सिंह पटवाल, मनमोहन, रविंद्र चौधरी व सुबोध कुमार आदि शामिल थे। उधर, अधिशासी अभियंता आरआर सिंह ने बताया कि उपभोक्ता ने मामले की उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है।
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