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हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:24 PM IST
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कोटद्वार/यमकेश्वर। कोटद्वार और निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। हालांकि शिवरात्रि की दो तिथि होने के कारण कुछ क्षेत्रों में लोग बुधवार को शिवरात्रि का पर्व मनाएंगे। मंगलवार को श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर सुख शांति और स्मृद्धि की कामना की।
मंगलवार को मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने लाइन में लगकर शिवालय में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शिवलिंग पर जल, बेलपत्री, फूल और दूध चढ़ाया। दिनभर मंदिरों में कीर्तन-भजन चलते रहे। श्रद्धालुओं ने दिनभर का उपवास रखकर भगवान शिव की उपासना की।
कोटद्वार के श्री सिद्धबली मंदिर, सिद्धपीठ सुखरौ देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, सिंदूरा देवी मंदिर, फलाहारी बाबा मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, गीता भवन मंदिर, बालाजी मंदिर, भाबर के गूलरझाला सिद्धबली मंदिर, जगदेव मंदिर, झंडीचौड़ पूर्वी शिवालय, दुगड्डा के दुर्गा देवी मंदिर स्थित शिवालय, लैंसडौन के ताड़केश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में दिनभर जलाभिषेक के लिए तांता लगा रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर अभिषेक किया।
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यमकेश्वर में महाशिवरात्रि विभिन्न शिव मंदिरों में धूमधाम से मनाई गई। यमकेश्वर स्थित यमकेश्वर महादेव के मंदिर में आसपास के ग्रामीणों द्वारा गंगा जल, दूध, बेल पत्री आदि चढ़ाने वालों की भीड़ लगी रही। दुगड्डा ब्लाक में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ महावगढ़ मंदिर में भी मंगलवार सुबह से ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। महाशिवरात्रि के अवसर पर यमकेश्वर मंदिर के प्रांगण में मेला का आयोजन भी किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामीणों ने अपनी जरूरत का सामान खरीदा।
श्री यमकेश्वर महादेव मेला समिति द्वारा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें आदर्श विद्यालय बडोली बड़ी और इंटर कालेज यमकेश्वर के छात्रों ने रंगारंग भक्तिमय प्रस्तुतियों से समा बांधा। मेले में जिला पंचायत सदस्य हरि सिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य डा. मीरा रतूड़ी, पूर्व ब्लाक प्रमुख यमकेश्वर प्रशांत बडोनी, भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष यमकेश्वर विक्रम सिंह रौथाण, ग्राम प्रधान कस्याली अनिल नेगी और महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी के उपाध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट शामिल थे। मंच का संचालन महेंद्र प्रसाद कंडवाल और अभिषेक कुकरेती ने किया।
-फोटो
महाशिवरात्रि मेला रहा फीका, श्रद्धालुओं की नहीं जुटी भीड़
लैंसडौन। महाशिवरात्रि को लगने वाले मेले में व्रत को लेकर हुई दुविधा के चलते मंगलवार को अधिक भीड़ नहीं जुट सकी। इससे मेला फीका रहा। कुछ लोगों ने मंगलवार को महाशिवरात्रि का व्रत रखा, जबकि बुधवार को भी कुछ लोग व्रत रखेंगे। कालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की रौनक नहीं दिखी। स्थानीय भक्तों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से आए भक्तजनों ने भोले बाबा के शिवलिंग का दूध, जल बेलपत्र चढ़ा कर अर्चना की और मनोकामनाएं मांगीं।
महाशिवरात्रि व्रत को लेकर हुई कशमकश के चलते उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश के कई इलाकों से आए व्यापारियों में बेचैनी रही। महाशिवरात्रि का स्टाल लगाने के लिए करीब 200 से भी अधिक व्यापारी यहां आए थे। उन्हें आशा थी कि महाशिवरात्रि में व्रत में खूब भीड़ जुटेगी, लेकिन भीड़ के कम होने से व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। बाहर से आए व्यापारियों में कल भीड़ होने की उम्मीद है।
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आकाश में 500 गुब्बारे छोड़कर मनाई शिवरात्रि
कोटद्वार। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी सेवा केंद्र में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में श्रद्धालुओं ने शिव ध्वज फहराया और शिव के संदेश पत्र गुब्बारों में बांधकर आकाश में छोड़े।
मंगलवार को नजीजाबाद रोड मिश्रा कालोनी स्थित सुख शांति भवन के ब्रह्मकुमारी सेवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में केंद्र संचालिका बीके ज्योति ने कहा कि महाशिवरात्रि पर सभी शिव भक्त शिवलिंग पर धतूरा, बेल पत्र, फल से पूजा करते हैं। कहा कि धतुरा विकार का, बेर नफरत का, बेलपत्र बुराई का प्रतीक है। इन सभी को शिव को समर्पित करना ही सच्ची शिवरात्रि मनाना है। कहा कि भोले शंकर सच्ची श्रद्धा के भूखे होते हैं, वे श्रद्धा से चढ़ाए गए एक पुष्प से प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
कार्यक्रम में दुगड्डा, बालासौड़, झंडीचौड़, बलभद्रपुर, लालपानी आदि स्थानों से अधिक संख्या में भक्त पहुंचे, जिसमें 500 गुब्बारों में शिव संदेश पत्र बांधकर आकाश में छोड़े गए। कार्यक्रम के बाद भक्तजनों में शिवरात्रि का प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर जीनत परवीन, कौशल्या जखमोला, उषा थपलियाल व अमित सजवाण आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने लाइन में लगकर शिवालय में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शिवलिंग पर जल, बेलपत्री, फूल और दूध चढ़ाया। दिनभर मंदिरों में कीर्तन-भजन चलते रहे। श्रद्धालुओं ने दिनभर का उपवास रखकर भगवान शिव की उपासना की।
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कोटद्वार के श्री सिद्धबली मंदिर, सिद्धपीठ सुखरौ देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, सिंदूरा देवी मंदिर, फलाहारी बाबा मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, गीता भवन मंदिर, बालाजी मंदिर, भाबर के गूलरझाला सिद्धबली मंदिर, जगदेव मंदिर, झंडीचौड़ पूर्वी शिवालय, दुगड्डा के दुर्गा देवी मंदिर स्थित शिवालय, लैंसडौन के ताड़केश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में दिनभर जलाभिषेक के लिए तांता लगा रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर अभिषेक किया।
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यमकेश्वर में महाशिवरात्रि विभिन्न शिव मंदिरों में धूमधाम से मनाई गई। यमकेश्वर स्थित यमकेश्वर महादेव के मंदिर में आसपास के ग्रामीणों द्वारा गंगा जल, दूध, बेल पत्री आदि चढ़ाने वालों की भीड़ लगी रही। दुगड्डा ब्लाक में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ महावगढ़ मंदिर में भी मंगलवार सुबह से ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। महाशिवरात्रि के अवसर पर यमकेश्वर मंदिर के प्रांगण में मेला का आयोजन भी किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामीणों ने अपनी जरूरत का सामान खरीदा।
श्री यमकेश्वर महादेव मेला समिति द्वारा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें आदर्श विद्यालय बडोली बड़ी और इंटर कालेज यमकेश्वर के छात्रों ने रंगारंग भक्तिमय प्रस्तुतियों से समा बांधा। मेले में जिला पंचायत सदस्य हरि सिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य डा. मीरा रतूड़ी, पूर्व ब्लाक प्रमुख यमकेश्वर प्रशांत बडोनी, भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष यमकेश्वर विक्रम सिंह रौथाण, ग्राम प्रधान कस्याली अनिल नेगी और महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी के उपाध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट शामिल थे। मंच का संचालन महेंद्र प्रसाद कंडवाल और अभिषेक कुकरेती ने किया।
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महाशिवरात्रि मेला रहा फीका, श्रद्धालुओं की नहीं जुटी भीड़
लैंसडौन। महाशिवरात्रि को लगने वाले मेले में व्रत को लेकर हुई दुविधा के चलते मंगलवार को अधिक भीड़ नहीं जुट सकी। इससे मेला फीका रहा। कुछ लोगों ने मंगलवार को महाशिवरात्रि का व्रत रखा, जबकि बुधवार को भी कुछ लोग व्रत रखेंगे। कालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की रौनक नहीं दिखी। स्थानीय भक्तों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से आए भक्तजनों ने भोले बाबा के शिवलिंग का दूध, जल बेलपत्र चढ़ा कर अर्चना की और मनोकामनाएं मांगीं।
महाशिवरात्रि व्रत को लेकर हुई कशमकश के चलते उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश के कई इलाकों से आए व्यापारियों में बेचैनी रही। महाशिवरात्रि का स्टाल लगाने के लिए करीब 200 से भी अधिक व्यापारी यहां आए थे। उन्हें आशा थी कि महाशिवरात्रि में व्रत में खूब भीड़ जुटेगी, लेकिन भीड़ के कम होने से व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। बाहर से आए व्यापारियों में कल भीड़ होने की उम्मीद है।
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आकाश में 500 गुब्बारे छोड़कर मनाई शिवरात्रि
कोटद्वार। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी सेवा केंद्र में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में श्रद्धालुओं ने शिव ध्वज फहराया और शिव के संदेश पत्र गुब्बारों में बांधकर आकाश में छोड़े।
मंगलवार को नजीजाबाद रोड मिश्रा कालोनी स्थित सुख शांति भवन के ब्रह्मकुमारी सेवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में केंद्र संचालिका बीके ज्योति ने कहा कि महाशिवरात्रि पर सभी शिव भक्त शिवलिंग पर धतूरा, बेल पत्र, फल से पूजा करते हैं। कहा कि धतुरा विकार का, बेर नफरत का, बेलपत्र बुराई का प्रतीक है। इन सभी को शिव को समर्पित करना ही सच्ची शिवरात्रि मनाना है। कहा कि भोले शंकर सच्ची श्रद्धा के भूखे होते हैं, वे श्रद्धा से चढ़ाए गए एक पुष्प से प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।
कार्यक्रम में दुगड्डा, बालासौड़, झंडीचौड़, बलभद्रपुर, लालपानी आदि स्थानों से अधिक संख्या में भक्त पहुंचे, जिसमें 500 गुब्बारों में शिव संदेश पत्र बांधकर आकाश में छोड़े गए। कार्यक्रम के बाद भक्तजनों में शिवरात्रि का प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर जीनत परवीन, कौशल्या जखमोला, उषा थपलियाल व अमित सजवाण आदि मौजूद रहे।
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