{"_id":"5974cebf4f1c1bb52a8b4579","slug":"71500827327-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जडाप्तऊखांद-मजेड़ाबैंड मोटरमार्ग तीन सप्ताह से बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जडाप्तऊखांद-मजेड़ाबैंड मोटरमार्ग तीन सप्ताह से बंद
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
धुमाकोट। बारिश के चलते मलबा गिरने और भूमि कटाव होने से जड़ाऊखांद-जमणधार-मजेड़ाबैंड मोटर मार्ग विगत तीन सप्ताह से बाधित है। शिकायत के बाद भी सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इसके कारण लोग कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं।
इस सड़क का आठ किमी का हिस्सा लोनिवि के पास है, जिसकी देेखभाल विभाग नहीं कर पा रहा है। आलम यह है कि इस मार्ग पर कोचियार व धौलियाना में नदियों पर पुल नहीं बन पाए हैं। सड़क का डामरीकरण भी नहीं हो पाया है तथा यह मानकों के अनुरूप कार्य नहीं होने के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बुजुर्ग, बीमार, बच्चे और गर्भवती महिलाओं को कई किमी दूर पैदल चलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जमणधार के ग्राम प्रधान रघुराज बिष्ट, उप प्रधान बिमला सकलानी, पूर्व प्रधान रघुबीर नेगी, ग्रामीण जगमोहन पटवाल, जयपाल बिष्ट व एसएल सकलानी ने विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने विधायक से मार्ग को पीएमजीएसवाई को देकर पुलों का निर्माण व चौड़ीकरण-डामरीकरण कराने की मांग की। विधायक दिलीप रावत ने पुल निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत होने पर निर्माण जल्दी शुरू करने और सड़क के शेष बचे भाग को पीएमजीएसवाई में देने के लिए शासन को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उधर, लोक निर्माण विभाग के जेई बीरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क बंद होने का मामला उनके संज्ञान में है। शीघ्र जेसीबी मंगाकर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।