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दुगड्डा की सड़कों का काम एनपीसीसी को सौंपने पर भड़के ग्रामीण
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार/दुगड्डा। यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत नई सड़कों के निर्माण का कार्य पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार से हटाकर नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) को सौंपने से दुगड्डा और यमकेश्वर क्षेत्र के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि भड़के हुए हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के समक्ष गहरी नाराजगी जताई है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्व में स्वीकृत कार्य उसी खंड से कराए जाएं, जिसके स्तर पर सर्वे, डीपीआर का कार्य संपादित हुआ है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि उन्हें यदि अपनी पार्टी की सरकार के खिलाफ भी सड़कों पर उतरना पड़े तो वे जनहित में इससे नहीं हिचकिचाएंगे।
जौरासी के प्रधान और भाजपा पर्वतीय मंडल दुगड्डा के अध्यक्ष चंडीप्रसाद कुकरेती, राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल, गोविंद सिंह रावत, वामदेव बडोला, प्रकाश कंडवाल, दर्शनलाल केष्टवाल, सुरेंद्र प्रसाद भट्ट, जितार सिंह, अशोक कुमार समेत कई संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की छह सड़कों का निर्माण कार्य एनपीसीसी को सौंपने का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बड़े प्रयासों के बाद क्षेत्र की प्रमुख छह सड़कें आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग, देवल-भेल्डा मार्ग, स्यालनी-जौरासी-स्यालखंडी मोटर मार्ग, टोलबार-मोहरागांव मोटर मार्ग, बल्ली-कांडई मोटर मार्ग, नाथूखाल-चूना महेड़ा सड़कों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। ऐसे में नई कंपनी को सड़कों का काम देने से जहां सड़कों का निर्माण कार्य प्रभावित होगा, वहीं उन्हें धरातल की भी जानकारी नहीं होगी। जनप्रतिनिधियों ने दुगड्डा और यमकेश्वर की स्वीकृत सड़कों का निर्माण पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार से ही कराने की मांग की है।
उधर, उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता केके श्रीवास्तव का कहना है कि पहले से चल रहे कोई कार्य नई कंपनी को नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनपीसीसी केंद्र सरकार की उपक्रम निर्माण इकाई है। शासन के निर्देशों पर ही ये आदेश दिए गए हैं।
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जौरासी के प्रधान और भाजपा पर्वतीय मंडल दुगड्डा के अध्यक्ष चंडीप्रसाद कुकरेती, राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल, गोविंद सिंह रावत, वामदेव बडोला, प्रकाश कंडवाल, दर्शनलाल केष्टवाल, सुरेंद्र प्रसाद भट्ट, जितार सिंह, अशोक कुमार समेत कई संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की छह सड़कों का निर्माण कार्य एनपीसीसी को सौंपने का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बड़े प्रयासों के बाद क्षेत्र की प्रमुख छह सड़कें आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग, देवल-भेल्डा मार्ग, स्यालनी-जौरासी-स्यालखंडी मोटर मार्ग, टोलबार-मोहरागांव मोटर मार्ग, बल्ली-कांडई मोटर मार्ग, नाथूखाल-चूना महेड़ा सड़कों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। ऐसे में नई कंपनी को सड़कों का काम देने से जहां सड़कों का निर्माण कार्य प्रभावित होगा, वहीं उन्हें धरातल की भी जानकारी नहीं होगी। जनप्रतिनिधियों ने दुगड्डा और यमकेश्वर की स्वीकृत सड़कों का निर्माण पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार से ही कराने की मांग की है।
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उधर, उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता केके श्रीवास्तव का कहना है कि पहले से चल रहे कोई कार्य नई कंपनी को नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनपीसीसी केंद्र सरकार की उपक्रम निर्माण इकाई है। शासन के निर्देशों पर ही ये आदेश दिए गए हैं।
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