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एक साल बाद भी ब्लॉक से नगर निगम को हस्तांतरित नहीं हुए दस्तावेज
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कोटद्वार। नगर निगम बने एक साल से अधिक हो गया, लेकिन अभी भी दुगड्डा ब्लॉक से दस्तावेज नगर निगम को हस्तांतरित नहीं हो पाए हैं। लोग प्रमाणपत्रों के लिए ब्लॉक मुख्यालय और नगर निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
गत 8 दिसंबर 2017 को प्रदेश सरकार ने 35 ग्रामसभाओं के 73 गांवों को नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बनाने की घोषणा की थी। 28 दिसंबर को ही सभी ग्रामसभाओं के प्रधानों के बस्ते भी जमा करा दिए गए, लेकिन एक साल बाद भी अभी तक दुगड्डा ब्लॉक की ओर से नगर निगम में सम्मिलित ग्रामसभाओं के दस्तावेज नगर निगम को नहीं सौंपे गए हैं। नंदपुर निवासी पूजा रावत और सीमा ने बताया कि उनका नाम बीपीएल लिस्ट में है। बीपीएल प्रमाणपत्र को हर छह माह में नवीनीकरण कराना पड़ता है, लेकिन नगर निगम बनने के बाद से उनके बीपीएल प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गत एक माह से बीपीएल प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दुगड्डा के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें प्रमाणपत्र निर्गत नहीं कर रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय की ओर से नगर निगम को परिवार रजिस्टर, पंचायतों के एकाउंट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड, जमीन रिकॉर्ड, पंचायत घरों के दस्तावेज सहित कई अन्य दस्तावेज सौंपे जाने हैं।
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दुगड्डा विकासखंड मुख्यालय से इस संबंध में पत्राचार किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भाबर क्षेत्र अब शहरी विकास विभाग के अधीन है। शहरी विकास विभाग द्वारा अंत्योदय कार्ड जारी किए जाते हैं। बीपीएल ग्राम्य विकास विभाग की योजना है, जो शहरी क्षेत्र में लागू नहीं होती है।
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राजेश नैथानी, सहायक नगर आयुक्त
गत 8 दिसंबर 2017 को प्रदेश सरकार ने 35 ग्रामसभाओं के 73 गांवों को नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बनाने की घोषणा की थी। 28 दिसंबर को ही सभी ग्रामसभाओं के प्रधानों के बस्ते भी जमा करा दिए गए, लेकिन एक साल बाद भी अभी तक दुगड्डा ब्लॉक की ओर से नगर निगम में सम्मिलित ग्रामसभाओं के दस्तावेज नगर निगम को नहीं सौंपे गए हैं। नंदपुर निवासी पूजा रावत और सीमा ने बताया कि उनका नाम बीपीएल लिस्ट में है। बीपीएल प्रमाणपत्र को हर छह माह में नवीनीकरण कराना पड़ता है, लेकिन नगर निगम बनने के बाद से उनके बीपीएल प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गत एक माह से बीपीएल प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दुगड्डा के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें प्रमाणपत्र निर्गत नहीं कर रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय की ओर से नगर निगम को परिवार रजिस्टर, पंचायतों के एकाउंट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड, जमीन रिकॉर्ड, पंचायत घरों के दस्तावेज सहित कई अन्य दस्तावेज सौंपे जाने हैं।
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दुगड्डा विकासखंड मुख्यालय से इस संबंध में पत्राचार किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भाबर क्षेत्र अब शहरी विकास विभाग के अधीन है। शहरी विकास विभाग द्वारा अंत्योदय कार्ड जारी किए जाते हैं। बीपीएल ग्राम्य विकास विभाग की योजना है, जो शहरी क्षेत्र में लागू नहीं होती है।
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राजेश नैथानी, सहायक नगर आयुक्त