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बलोद गांव में पांच साल से पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण

Sun, 10 Feb 2019 10:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 10:18 PM IST
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बलोद गांव में पांच साल से पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण
कोटद्वार। जलसंस्थान की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण कल्जीखाल ब्लाक की ग्राम पंचायत बलोद गांव के लोग वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। जंक खा चुकी पुराने पेयजल लाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके कारण लोग दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढो रहे हैं।
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वर्ष 1995 में ग्राम पंचायत के लिए सिलोणी स्रोत से पेयजल योजना बनाई गई थी। देखरेख के अभाव में पेयजल लाइन अति जर्जर हो गई है। लाइन के जंक खाने से वह कई स्थानों पर टूट गई है। ग्रामीण पिछले पांच साल से किसी प्रकार लाइन को जोड़कर काम चला रहे थे, लेकिन वर्तमान में कई जगह से पाइप टूट जाने के कारण गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। इसके कारण ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं।
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ग्रामीण पारेश्वर बलोदी, सुबोध बलोदी, रमेश बलोदी व देवेंद्र बलोदी ने जलसंस्थान पर उनकी पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे पांच वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद पिछले वर्ष इस पेयजल लाइन के सुधारीकरण के लिए बजट आया था, लेकिन इसके लिए आज तक काम शुरू नहीं किया गया है। लोग दो किमी. दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी सिर पर ढो रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के जेई विनोद भट्ट ने बताया कि उन्हें बलोद गांव की पेयजल समस्या की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे।

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