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रिफ्यूजी कालोनी फिर से गुलजार, घर लौटे बाढ़ पीड़ित परिवार
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:31 PM IST
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कोटद्वार। अगस्त माह के पहले सप्ताह में कोटद्वार में आई बाढ़ की चपेट में आई रिफ्यूजी कालोनी बीस दिन बाद फिर से गुलजार हो गई है। पहले जीआईसी और अब तक गुरुद्वारे के राहत कैंप में शरण लिए सभी बाढ़ प्रभावित अपने घरों में लौट आए हैं।
रिफ्यूजी कालोनी निवासी बाढ़ प्रभावित बलराम भाटिया, टेकचंद भाटिया, राहुल कर्णवाल, अब्दुल सलाम, भीमसेन ठुकराल, पुष्कर अग्रवाल व राजेंद्र सिंह ने बताया कि आपदा के 20 दिन बीत जाने के बाद सरकार की ओर से मात्र 3800 रुपये की अहैतुक राशि के अलावा कोई सहायता उन्हें नहीं दी गई है। कहा कि आपदा की इस घड़ी में भाटिया सेवक समाज फरीदाबाद, निरंकारी मंडल और रोटरी क्लब समेत कई संस्थाएं उनकी मदद के लिए आगे आई हैं। बाढ़ प्रभावितों ने मदद करने वाली सभी संस्थाओं का आभार जताया है।
प्रभावितों ने कहा कि बाढ़ के दौरान कालोनी में घुसे मलबे और पानी को निकालने के लिए प्रशासन ने नालियों को जेसीबी से तुड़वाकर चौड़ा कर दिया था, जिससे अब लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने इन नालियों की मरम्मत करने की गुहार प्रशासन से लगाई है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के अधिशासी अधिकारी बद्रीप्रसाद भट्ट ने कहा कि आपदा के दौरान रिफ्यूजी कालोनी में तोड़ी गई नालियों के पुनर्निर्माण के लिए आगणन तैयार कर शीघ्र ही जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
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अपने खर्चे पर कर रहे हैं टूटी दीवारों का निर्माण
कोटद्वार। गत तीन और चार अगस्त को कोटद्वार में आई बाढ़ से रिफ्यूजी कालोनी के तीन परिवारों के घर की दीवारें टूट गई थीं। उनका निर्माण प्रभावित परिवार स्वयं अपने खर्चें पर कर रहे हैं। नगर सभासद विनय भाटिया ने बताया कि सावित्री देवी, देवी और राजेंद्र सिंह के घर की दीवार बाढ़ के दौरान टूट गई थी। बीस दिन बाद भी जब उनके टूटे घरों की सुध नहीं ली गई तो अब पीड़ित परिवारों ने अपने खर्चे पर ही दीवारें बनानी शुरू कर दी हैं।
-फोटो
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रिफ्यूजी कालोनी निवासी बाढ़ प्रभावित बलराम भाटिया, टेकचंद भाटिया, राहुल कर्णवाल, अब्दुल सलाम, भीमसेन ठुकराल, पुष्कर अग्रवाल व राजेंद्र सिंह ने बताया कि आपदा के 20 दिन बीत जाने के बाद सरकार की ओर से मात्र 3800 रुपये की अहैतुक राशि के अलावा कोई सहायता उन्हें नहीं दी गई है। कहा कि आपदा की इस घड़ी में भाटिया सेवक समाज फरीदाबाद, निरंकारी मंडल और रोटरी क्लब समेत कई संस्थाएं उनकी मदद के लिए आगे आई हैं। बाढ़ प्रभावितों ने मदद करने वाली सभी संस्थाओं का आभार जताया है।
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प्रभावितों ने कहा कि बाढ़ के दौरान कालोनी में घुसे मलबे और पानी को निकालने के लिए प्रशासन ने नालियों को जेसीबी से तुड़वाकर चौड़ा कर दिया था, जिससे अब लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने इन नालियों की मरम्मत करने की गुहार प्रशासन से लगाई है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के अधिशासी अधिकारी बद्रीप्रसाद भट्ट ने कहा कि आपदा के दौरान रिफ्यूजी कालोनी में तोड़ी गई नालियों के पुनर्निर्माण के लिए आगणन तैयार कर शीघ्र ही जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
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अपने खर्चे पर कर रहे हैं टूटी दीवारों का निर्माण
कोटद्वार। गत तीन और चार अगस्त को कोटद्वार में आई बाढ़ से रिफ्यूजी कालोनी के तीन परिवारों के घर की दीवारें टूट गई थीं। उनका निर्माण प्रभावित परिवार स्वयं अपने खर्चें पर कर रहे हैं। नगर सभासद विनय भाटिया ने बताया कि सावित्री देवी, देवी और राजेंद्र सिंह के घर की दीवार बाढ़ के दौरान टूट गई थी। बीस दिन बाद भी जब उनके टूटे घरों की सुध नहीं ली गई तो अब पीड़ित परिवारों ने अपने खर्चे पर ही दीवारें बनानी शुरू कर दी हैं।
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