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Kotdwar News: 48.83 लाख रुपये फूंके, फिर भी ग्रामीणों के हलक सूखे

Tue, 23 Dec 2025 05:11 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Tue, 23 Dec 2025 05:11 PM IST
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48.83 lakh rupees were spent, yet the villagers' throats remain dry.
जयकोट-घिरोली पेयजल योजना से ग्रामीणों को नहीं हो पा रही जलापूर्ति
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कोटद्वार। पोखड़ा ब्लॉक की ग्रामसभा पणिया के लिए पटोटी गदेरा से बनी जयकोट-घिरोली पेयजल योजना में महज खानापूर्ति की गई है। जल जीवन मिशन के तहत 48.83 लाख रुपये फूंकने के बाद भी योजना से ग्रामसभा के जयकोट, कोलिंडा, बस्टांग गांव के करीब 20 परिवारों को पिछले एक साल से पेयजल नहीं मिला है।
ग्रामीण एनपी जोशी ने बताया कि ग्रामसभा पणिया के अंतर्गत जयकोट, कोलिंडा, बस्टांग, घिरोली समेत पांच गांवों के लिए 1978 में मेन स्रोत पटोटी से पेयजल योजना बनाई गई। सभी गांवों के ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति हो रही थी। वर्ष 2006 में योजना की पाइप लाइन की मरम्मत कराई गई लेकिन कार्य सही न होने के कारण इन गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न होने लगा। ग्रामीणों की मांग पर प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना के जीर्णोद्धार के लिए 48.83 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की।
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कार्यदायी संस्था जल संस्थान पौड़ी को बनाया गया। योजना के तहत पाइप लाइन की मरम्मत, कोलिंडा गांव में बने स्टोरेज टैंक की मरम्मत का कार्य होना था। वर्तमान में हालत यह है कि पाइपलाइन कई जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है। तीनों गांवों के करीब 30 परिवार पिछले एक साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
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आपदा में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की अस्थायी मरम्मत कराकर गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी थी। विभाग को आपदा मद में तीन लाख रुपये की धनराशि मिली है। जल्द ही पेयजल लाइन की मरम्मत भी कराई जाएगी।

- संजय नेगी, जेई जल संस्थान पौड़ी।
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जयकोट-घिरोली पेयजल योजना के लिए स्वीकृत 48.83 लाख रुपये की धनराशि में से 21 लाख रुपये का कार्य कराया गया है। इस संबंध में ग्रामीण एनपी जोशी की ओर से विभाग से मांगी गई सूचना उन्हें उपलब्ध कराई गई थी। उपलब्ध सूचना से संतुष्ट न होने के कारण उनके द्वारा सूचना आयोग में अपील की गई है। बुधवार को मामले में सुनवाई भी होनी है।
- अंकित चमोली, एई जल संस्थान पौड़ी।
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