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बच्चों की तलाश में दो साल से भटक रही है मां बिमला,
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कोटद्वार। गत दो सालों से बच्चों की तलाश में भटक रही मां विमला बच्चों के नहीं मिलने पर अपना मानसिक संतुलन भी खो बैठी है। स्थिति यह है कि संक्रामक बीमारी से ग्रसित होकर कोटद्वार के बेस अस्पताल में भर्ती है।
यमकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत मोहनचट्टी निवासी विमला देवी पत्नी स्व. धीरज सिंह ने बताया कि उसके दो बच्चे थे। पति की मौत के बाद मेहनत मजदूरी कर वह किसी तरह अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही थी। दो साल पहले एक महिला उसके दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। तब से वह अपने बच्चों की तलाश में भटक रही है। इस दौरान उसने कई स्थानों में बच्चों की तलाश की, लेकिन बच्चों का कहीं पता नहीं चल पाया। किसी ने बताया कि उसके दोनों बच्चों को महिला अपने साथ कोटद्वार ले गई और तब से वह अपने बच्चों को कोटद्वार में तलाश कर रही है। बच्चों की तलाश में वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है। विमला सड़कों पर पागलों की तरह भटक रही है। महिला काफी दिनों से संक्रामक बीमारी से ग्रसित है और लालबत्ती चौराहे के आस-पास ही सड़कों पर घूमती है। उसकी हालत खराब होने पर संदेश कला मंच के अध्यक्ष संजय रावत ने उसे कोटद्वार बेस अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने क्षेत्र के सामाजिक संगठनों से महिला की मदद करने की अपील की है।
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यमकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत मोहनचट्टी निवासी विमला देवी पत्नी स्व. धीरज सिंह ने बताया कि उसके दो बच्चे थे। पति की मौत के बाद मेहनत मजदूरी कर वह किसी तरह अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही थी। दो साल पहले एक महिला उसके दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। तब से वह अपने बच्चों की तलाश में भटक रही है। इस दौरान उसने कई स्थानों में बच्चों की तलाश की, लेकिन बच्चों का कहीं पता नहीं चल पाया। किसी ने बताया कि उसके दोनों बच्चों को महिला अपने साथ कोटद्वार ले गई और तब से वह अपने बच्चों को कोटद्वार में तलाश कर रही है। बच्चों की तलाश में वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है। विमला सड़कों पर पागलों की तरह भटक रही है। महिला काफी दिनों से संक्रामक बीमारी से ग्रसित है और लालबत्ती चौराहे के आस-पास ही सड़कों पर घूमती है। उसकी हालत खराब होने पर संदेश कला मंच के अध्यक्ष संजय रावत ने उसे कोटद्वार बेस अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने क्षेत्र के सामाजिक संगठनों से महिला की मदद करने की अपील की है।
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