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खननकारियों ने खोद डाले ग्रास्टनगंज पुल के पिलर

Sat, 20 Apr 2019 10:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 10:42 PM IST
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खननकारियों ने खोद डाले ग्रास्टनगंज पुल के पिलर
कोटद्वार। ग्रास्टनगंज को गाड़ीघाट से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा खोह नदी में निर्माणाधीन पुल पर काम पूरा होने से पहले ही संकट मंडराने लगा हैं। अवैध खननकारी खनन करते हुए पुल की जड़ तक पहुंच गए हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे हुए हैं। लोनिवि ने मौके पर पुल के दोनों ओर 200 मीटर तक खनन करने पर प्रतिबंध का नोटिस बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दी है। वहीं, स्थानीय प्रशासन अब खननकारियों पर शिकंजा कसने की बात कर रहा है।
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कोटद्वार शहर में यातायात के बढ़ते दबाव और भविष्य में बाईपास मार्ग की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2015 में ग्रास्टनगंज में खोह नदी में 90 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। पुल निर्माण के लिए सरकार की ओर से करीब 4.04 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई। पांच अगस्त 2015 को पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया था। पुल को डेढ़ साल के भीतर चार फरवरी 2017 तक बनाया जाना था, लेकिन शासन से समय से धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य में विलंब हुआ। पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। महज एप्रोच रोड का काम बाकी है। चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व गत 10 मार्च को क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत पुल का लोकार्पण कर चुके हैं। हालांकि पुल की एप्रोच रोड का काम शेष होने पर पुल पर अभी यातायात सामान्य नहीं हो सका है। एप्रोच रोड के कार्य के बीच ही खननकारी खोह नदी में खनन करते हुए पुल की जड़ तक पहुंच गए हैं। उन्होंने पुल की जड़ भी खोदनी शुरू कर दी है, लेकिन पुल पर मंडरा रहा यह खतरा किसी को नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन मजदूर सुबह ही नदियों में उतर जाते हैं और दिनभर बेखौफ खनन करते हैं। शाम ढलते ही वे खनन सामग्री ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर ले जाते हैं। नदी में अवैध खनन होने से नवनिर्मित पुल के साथ ही तटीय इलाकों के आवसीय भवनों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। उधर, लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह का कहना है कि खनन से पुल को बने खतरे को देखते हुए एक माह पूर्व स्थानीय प्रशासन को मामले की सूचना दे दी गई है। एसडीएम मनीष कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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