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सात दिन से तीन गांवों की बती गुल, अंधेरे में कट रही रातें
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार। सतपुली क्षेत्र के समीप कल्जीखाल ब्लाक की असवालस्यूं पट्टी की बड़कोट ग्राम पंचायत के अंतर्गत तीन गांवों रिंगवडगांव, बडियारगांव और मवांणा में एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों को अंधेरे में रातें गुजारनी पड़ रही हैं। लोगों ने ऊर्जा निगम से इसकी शिकायत की है, लेकिन एक सप्ताह बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। स्कूली बच्चे मोमबत्ती और छिल्लों की रोशनी में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं।
रिंगवाडगांव निवासी जगत सिंह रावत व मंगल सिंह रावत ने बताया कि उनके गांव में लगे बिजली के खंभों से बड़कोट, मवांणा और बडियारगांव में विद्युत आपूर्ति की जाती है। एक सप्ताह पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से भूस्खलन होने के कारण दो खंभे इसकी चपेट में आकर गिर गए। इसके कारण तीनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। गांवों में बिजली नहीं होने के कारण जंगली जानवरों का भय बना हुआ है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में कई बार विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
सतपुली ऊर्जा निगम में केवल एक ही ठेकेदार कार्य करता है। इससे पूर्व में क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत का कार्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। जल्द ही रिंगवाडगांव में कर्मचारियों को भेजकर समस्या का निराकरण किया जाएगा।
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-विनय कुमार, एसडीओ ऊर्जा निगम सतपुली
-फोटो
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रिंगवाडगांव निवासी जगत सिंह रावत व मंगल सिंह रावत ने बताया कि उनके गांव में लगे बिजली के खंभों से बड़कोट, मवांणा और बडियारगांव में विद्युत आपूर्ति की जाती है। एक सप्ताह पूर्व हुई मूसलाधार बारिश से भूस्खलन होने के कारण दो खंभे इसकी चपेट में आकर गिर गए। इसके कारण तीनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। गांवों में बिजली नहीं होने के कारण जंगली जानवरों का भय बना हुआ है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में कई बार विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
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सतपुली ऊर्जा निगम में केवल एक ही ठेकेदार कार्य करता है। इससे पूर्व में क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत का कार्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। जल्द ही रिंगवाडगांव में कर्मचारियों को भेजकर समस्या का निराकरण किया जाएगा।
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-विनय कुमार, एसडीओ ऊर्जा निगम सतपुली
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