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दो साल बाद रिसोर्ट से मिला देहरादून से लापता हेमंत
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:32 PM IST
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कोटद्वार। मंगलवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कोटद्वार की पुलिस टीम ने देहरादून से दो साल से लापता हेमंत कुमार को रियो रिसोर्ट फतेहपुर से बरामद कर लिया है। टीम ने हेमंत को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
यूनिट प्रभारी उपनिरीक्षक योगेंद्र गुसाईं ने बताया कि 13 मई वर्ष 2015 में हरबंश वाला देहरादून निवासी हेमंत कुमार (20) पुत्र मोहन कुमार घर से बिना बताए चला गया। इसके बाद परिजनों ने 13 मई को ही बसंत विहार देहरादून थाने में हेमंत की गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर उपनिरीक्षक गुसाईं ने बताया कि पुलिस मुख्यालय देहरादून के निर्देश पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कोटद्वार ने हेमंत की तलाश शुरू कर दी। इसके बाद हेमंत की तलाश लैंसडौन और दुगड्डा के होटल-ढाबों में की गई। टीम ने लैंसडौन के फतेहपुर में स्थित रियो रिसोर्ट में नाम बदलकर रह रहे हेमंत को बरामद कर लिया। पूछताछ में पुलिस टीम को हेमंत ने बताया कि वह एक वर्ष तक फतेहरपुर में अलग-अलग जगहों में काम करता रहा। वह चार जून से इस रियो रिसोर्ट में काम रहा था। उपनिरीक्षक गुसाईं ने बताया कि हेमंत ने जिन स्थानों पर कार्य किया, वहां उसने अपनी पहचान छिपा कर रखी। वह इन स्थानों पर नारायणबगड़ चमोली निवासी शुभम बनकर कार्य कर रहा था। टीम ने कोटद्वार पहुंचे हेमंत के परिजनों को उसे सुपुर्द कर दिया। टीम में हेड कांस्टेबल नरेश नौटियाल और कांस्टेबल परवेज खान आदि रहे।
-फोटो
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यूनिट प्रभारी उपनिरीक्षक योगेंद्र गुसाईं ने बताया कि 13 मई वर्ष 2015 में हरबंश वाला देहरादून निवासी हेमंत कुमार (20) पुत्र मोहन कुमार घर से बिना बताए चला गया। इसके बाद परिजनों ने 13 मई को ही बसंत विहार देहरादून थाने में हेमंत की गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर उपनिरीक्षक गुसाईं ने बताया कि पुलिस मुख्यालय देहरादून के निर्देश पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कोटद्वार ने हेमंत की तलाश शुरू कर दी। इसके बाद हेमंत की तलाश लैंसडौन और दुगड्डा के होटल-ढाबों में की गई। टीम ने लैंसडौन के फतेहपुर में स्थित रियो रिसोर्ट में नाम बदलकर रह रहे हेमंत को बरामद कर लिया। पूछताछ में पुलिस टीम को हेमंत ने बताया कि वह एक वर्ष तक फतेहरपुर में अलग-अलग जगहों में काम करता रहा। वह चार जून से इस रियो रिसोर्ट में काम रहा था। उपनिरीक्षक गुसाईं ने बताया कि हेमंत ने जिन स्थानों पर कार्य किया, वहां उसने अपनी पहचान छिपा कर रखी। वह इन स्थानों पर नारायणबगड़ चमोली निवासी शुभम बनकर कार्य कर रहा था। टीम ने कोटद्वार पहुंचे हेमंत के परिजनों को उसे सुपुर्द कर दिया। टीम में हेड कांस्टेबल नरेश नौटियाल और कांस्टेबल परवेज खान आदि रहे।
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