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चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा, 53 लाख रुपये जुर्माना
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कोटद्वार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने चेक बाउंस के दो मामलों में की गई अपील को आंशिक रुप से स्वीकार करते हुए आरोपी को तीन महीने की साधारण कारावास और 53 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एसीजेएम कोर्ट के गत वर्ष 23 मार्च के फैसले में अपीलार्थी की सजा को कम कर उसे राहत दी, लेकिन अर्थदंड को बरकरार रखा है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राजपुर रोड देहरादून निवासी कमला विद्यार्थी की ओर से पदमपुर कोटद्वार निवासी ठेकेदार राजीव के खिलाफ दो परिवाद दायर किए गए थे। जिसमें गत वर्ष 23 मार्च को एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी को दोनों मामलों में दो साल के सश्रम कैद और 55 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभियुक्त द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी। जिला न्यायालय ने इस मामले को कोटद्वार एडीजे कोर्ट को हस्तांतरित कर दिया था।
एडीजे कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पहले मामले में पारित दोषसिद्ध के आदेश की पुष्टि करते हुए जहां अभियुक्त को तीन माह के साधारण कारावास की सजा और 40 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया, वहीं दूसरे मामले में भी सजा को कम करते हुए तीन माह का साधारण कारावास और 13 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राजपुर रोड देहरादून निवासी कमला विद्यार्थी की ओर से पदमपुर कोटद्वार निवासी ठेकेदार राजीव के खिलाफ दो परिवाद दायर किए गए थे। जिसमें गत वर्ष 23 मार्च को एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी को दोनों मामलों में दो साल के सश्रम कैद और 55 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभियुक्त द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी। जिला न्यायालय ने इस मामले को कोटद्वार एडीजे कोर्ट को हस्तांतरित कर दिया था।
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एडीजे कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पहले मामले में पारित दोषसिद्ध के आदेश की पुष्टि करते हुए जहां अभियुक्त को तीन माह के साधारण कारावास की सजा और 40 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया, वहीं दूसरे मामले में भी सजा को कम करते हुए तीन माह का साधारण कारावास और 13 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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