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निगम में प्रशासक कार्यकाल में हुए 54 टेंडरों की जांच शुरू
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कोटद्वार। उत्तराखंड शासन के अनुसचिव रईस अहमद ने नगर निगम में प्रशासक के कार्यकाल में हुए 54 टेंडरों में हुई कथित अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने निदेशक शहरी विकास निदेशालय को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर मामले का परीक्षण करते हुए स्पष्ट संस्तुति सहित जांच आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।
नगर निगम बनने के बाद प्रशासक के कार्यकाल में हुए 54 टेंडर शुरू से विवादों के घेरे में रहे। 16 नवंबर 2018 को निर्वाचन आयोग उत्तराखंड के सचिव रोशन लाल ने सहायक नगर आयुक्त को आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर खोलने के निर्देश दिए थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। गत दो दिसंबर को नगर निगम के निर्वाचित मेयर और पार्षदों ने शपथ ग्रहण की। इस दौरान बोर्ड की पहली बैठक में ही पार्षदों ने प्रशासक के कार्यकाल में हुए सभी 54 टेंडरों को निरस्त करने की मांग की। इस संबंध में 20 दिसंबर 2018 को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। मामले में मंगलवार को अनुसचिव उत्तराखंड शासन रईस अहमद ने निदेशक शहरी विकास निदेशालय को पत्र भेजकर मामले में वर्णित तथ्यों का परीक्षण करते हुए स्पष्ट संस्तुति सहित जांच आख्या शासन को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने बताया कि मामले में निदेशक शहरी विकास निदेशालय की ओर से टेंडरों की फाइलें देहरादून में तलब की गई हैं।
नगर निगम बनने के बाद प्रशासक के कार्यकाल में हुए 54 टेंडर शुरू से विवादों के घेरे में रहे। 16 नवंबर 2018 को निर्वाचन आयोग उत्तराखंड के सचिव रोशन लाल ने सहायक नगर आयुक्त को आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर खोलने के निर्देश दिए थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। गत दो दिसंबर को नगर निगम के निर्वाचित मेयर और पार्षदों ने शपथ ग्रहण की। इस दौरान बोर्ड की पहली बैठक में ही पार्षदों ने प्रशासक के कार्यकाल में हुए सभी 54 टेंडरों को निरस्त करने की मांग की। इस संबंध में 20 दिसंबर 2018 को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। मामले में मंगलवार को अनुसचिव उत्तराखंड शासन रईस अहमद ने निदेशक शहरी विकास निदेशालय को पत्र भेजकर मामले में वर्णित तथ्यों का परीक्षण करते हुए स्पष्ट संस्तुति सहित जांच आख्या शासन को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने बताया कि मामले में निदेशक शहरी विकास निदेशालय की ओर से टेंडरों की फाइलें देहरादून में तलब की गई हैं।
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