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धुमाकोट में आशा कार्यकर्त्रियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:38 PM IST
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धुमाकोट। उचित मानदेय सहित चार सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलनरत आशा कार्यकत्रियों ने शुक्रवार से अनिश्चतकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ब्लॉक कार्यालय में पूरे विकासखंड से आशा कार्यकत्री संघ की अध्यक्ष बीना ध्यानी, उपाध्यक्ष दिल्ला देवी, सचिव दर्शनी देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकत्र हुईं आशा कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को धरना दिया। आशा कार्यकत्रियों ने बीडीओ के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
संघ की ब्लॉक अध्यक्ष बीना ध्यानी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों से काम अधिक लिया जा रहा है, बदले में न्यूनतम मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आशा कार्यकत्रियों की मांगों का निस्तारण नहीं होता है तब तक वह कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। धरना-प्रदर्शन में सीमा रावत, रेखा देवरानी, पुष्पा देवी, सरस्वती देवी, कल्पेश्वरी, लक्ष्मी देवी, ऊषा देवी, कमला देवी, गुड्डी देवी, सुलोचना देवी, सुमन देवी, सुनीता देवी, सावित्री देवी और शालू देवी समेत पचास से अधिक आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
आशा कार्यकत्रियों ने सरकार से मांगा न्यूनतम मानदेय
कोटद्वार। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड स्वास्थ्य आशा कार्यकत्री यूनियन का शुक्रवार को लगातार ग्यारहवें दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आशाओं ने सरकार से न्यूनतम मानदेय और बोनस की मांग की। कहा कि आशाओं को न्यूनतम मानदेय के लिए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है। इस मौके पर आशा कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कहा कि पूर्व में हुई घोषणाओं पर किसी भी सरकार ने अमल नहीं किया।
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शुक्रवार को कोटद्वार तहसील में प्रदर्शन करते हुए यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उन्हें न्यूनतम वेतनमान तक देने को तैयार नहीं है। पूर्व में उनके लिए की गई बोनस और न्यूनतम मानदेय बढ़ाने की मांगें भी अब ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। उन्होंने अन्य कर्मचारियों की भांति आशा कार्यकत्रियों को भी बोनस और न्यूनतम वेतनमान देने की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन में उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, मीना रावत, धनेश्वरी देवी, नीलम कुकरेती, सुमित्रा पंत, भागीरथी भंडारी, विजय लक्ष्मी, संगीता रावत, कल्पना काला, मंजू नेगी, ज्योति रावत, गोदांबरी देवी, गीता जदली, लक्ष्मी गुसाईं, पूनम डोभाल, रेखा देवी, अनीता देवी, आशा देवी, प्रर्मिला गुसाईं, विनीता काला और गीता देवी मौजूद थे।
संघ की ब्लॉक अध्यक्ष बीना ध्यानी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों से काम अधिक लिया जा रहा है, बदले में न्यूनतम मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आशा कार्यकत्रियों की मांगों का निस्तारण नहीं होता है तब तक वह कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। धरना-प्रदर्शन में सीमा रावत, रेखा देवरानी, पुष्पा देवी, सरस्वती देवी, कल्पेश्वरी, लक्ष्मी देवी, ऊषा देवी, कमला देवी, गुड्डी देवी, सुलोचना देवी, सुमन देवी, सुनीता देवी, सावित्री देवी और शालू देवी समेत पचास से अधिक आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
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आशा कार्यकत्रियों ने सरकार से मांगा न्यूनतम मानदेय
कोटद्वार। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड स्वास्थ्य आशा कार्यकत्री यूनियन का शुक्रवार को लगातार ग्यारहवें दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आशाओं ने सरकार से न्यूनतम मानदेय और बोनस की मांग की। कहा कि आशाओं को न्यूनतम मानदेय के लिए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है। इस मौके पर आशा कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कहा कि पूर्व में हुई घोषणाओं पर किसी भी सरकार ने अमल नहीं किया।
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शुक्रवार को कोटद्वार तहसील में प्रदर्शन करते हुए यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उन्हें न्यूनतम वेतनमान तक देने को तैयार नहीं है। पूर्व में उनके लिए की गई बोनस और न्यूनतम मानदेय बढ़ाने की मांगें भी अब ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। उन्होंने अन्य कर्मचारियों की भांति आशा कार्यकत्रियों को भी बोनस और न्यूनतम वेतनमान देने की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन में उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, मीना रावत, धनेश्वरी देवी, नीलम कुकरेती, सुमित्रा पंत, भागीरथी भंडारी, विजय लक्ष्मी, संगीता रावत, कल्पना काला, मंजू नेगी, ज्योति रावत, गोदांबरी देवी, गीता जदली, लक्ष्मी गुसाईं, पूनम डोभाल, रेखा देवी, अनीता देवी, आशा देवी, प्रर्मिला गुसाईं, विनीता काला और गीता देवी मौजूद थे।