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धाद महिला सभा ने लिया लोक संस्कृति को बढ़ाने का संकल्प
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:59 PM IST
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कोटद्वार। धाद महिला सभा की ओर से उत्तराखंड लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें महिला सभा के सदस्यों को उत्तराखंड के लोक गीत और लोक नृत्यों से रू-ब-रू कराया गया। इस मौके पर महिलाओं ने लोक संस्कृति की धरोहर को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बीईएल सामुदायिक केंद्र में आयोजित कार्यशाला का उत्तराखंड रत्न से सम्मानित डा. माधुरी बड़थ्वाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने प्राचीन समय से मांगलिक कार्यों में गाए जाने वाले मांगल गीतों के साथ-साथ न्योली, छपेली, थड़या, चौंफला व बाजूबंद आदि लोकगीतों एवं लोकनृृत्यों की जानकारी दी और महिलाओं को इसका अभ्यास भी कराया। उन्होंने जौ जस देणा खोली का गणेशा..,कै डाली पैंया जामी.., वीराला फूल फुलिगे मेरा भीना.. जैसे लोक गीत सुनकार कार्यशाला में समा बांधा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें बेहद समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मिली है। उन्होंने सदस्यों से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को सहेजकर रखने और उसे अपनी अगली पीढ़ियों को सौंपने की अपील की।
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इस अवसर पर धाद महिला सभा की केंद्रीय उपाध्यक्ष माधुरी रावत, कोटद्वार शाखा की अध्यक्ष नंदा डबराल, अनुभा गुप्ता, माधुरी रावत, उषा शर्मा, मोहिनी नौटियाल, वर्षा थपलियाल, लक्ष्मी रावत, भारती प्रभाकर, संपूर्णा बिंजोला, भावना पांडे, पार्वती काला, मंजू कपरवाण, नीता दुर्गापाल, पूनम प्रकाश, संगीता उनियाल, भारती नेगी, रेखा शर्मा, सोहन मैंदोला व प्रदीप बडोला आदि उपस्थित थे।
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