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285 रिक्रूट बने भारतीय थल सेना के अभिन्न अंग
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लैंसडौन में प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने पर सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कंमांडर का पुरस्कार ?
- फोटो : KOTDWAR
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लैंसडौन में शनिवार को 285 रिक्रूट भारतीय थल सेना के अभिन्न अंग बने। बतौर समीक्षा अधिकारी गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट के कर्नल योगेंद्र दत्त शर्मा ने पासिंग आउट परेड की सलामी लेते हुए रिक्रूटों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर (जीआरआरसी) के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में समीक्षा अधिकारी कर्नल योगेंद्र दत्त शर्मा ने 285 रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक रायल रस्सी (लाल रंग की डोरी) धारण की। उन्हें 34 सप्ताह की कठिन प्रशिक्षण के बाद राइफल्स मैन का दर्जा हासिल हुआ। उन्हें विधिवत ढंग से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका में हाथ में रखकर देश की मर्यादा और हर कीमत पर रक्षा करने का वचन दिया। इसके बाद रिक्रूटों ने आर्मी बैंड की धुन पर शानदार पासिंग आउट परेड का प्रदर्शन किया। सलामी मंच के सामने से परेड के गुजरते ही दर्शक दीर्घा में उपस्थित उनके परिजनों ने करतल ध्वनि के साथ सैनिकों का स्वागत किया।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सैनिक हुए सम्मानित
समीक्षा अधिकारी कर्नल योगेंद्र दत्त शर्मा ने प्रशिक्षण दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवानों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राइफलमैन देवेंद्र सिंह को स्वर्ण पदक, राइफलमैन राहुल नेगी को रजत पदक और राइफलमैन कृष्णा सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया। इसके अलावा राइफलमैन नीरज प्रसाद को फिजीकल, राइफलमैन चंद्रवीर सिंह को फायरिंग, राइफलमैन भाष्कर सिंह को ड्रिल के लिए सर्वश्रेष्ठ कैडेट घोषित कर उन्हें सम्मानित किया। कोर्स की सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चैंपियनशिप बैनर प्रदान किया गया। प्लाटून कमांडर नायब सूबेदार शैलेश कुमार ने समीक्षा अधिकारी से चैंपियनशिप बैनर प्राप्त किया। हवलदार योगेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक और नायब सूबेदार शैलेश कुमार को सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कमांडर के सम्मान से सम्मानित किया।
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शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर (जीआरआरसी) के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में समीक्षा अधिकारी कर्नल योगेंद्र दत्त शर्मा ने 285 रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक रायल रस्सी (लाल रंग की डोरी) धारण की। उन्हें 34 सप्ताह की कठिन प्रशिक्षण के बाद राइफल्स मैन का दर्जा हासिल हुआ। उन्हें विधिवत ढंग से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका में हाथ में रखकर देश की मर्यादा और हर कीमत पर रक्षा करने का वचन दिया। इसके बाद रिक्रूटों ने आर्मी बैंड की धुन पर शानदार पासिंग आउट परेड का प्रदर्शन किया। सलामी मंच के सामने से परेड के गुजरते ही दर्शक दीर्घा में उपस्थित उनके परिजनों ने करतल ध्वनि के साथ सैनिकों का स्वागत किया।
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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सैनिक हुए सम्मानित
समीक्षा अधिकारी कर्नल योगेंद्र दत्त शर्मा ने प्रशिक्षण दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवानों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राइफलमैन देवेंद्र सिंह को स्वर्ण पदक, राइफलमैन राहुल नेगी को रजत पदक और राइफलमैन कृष्णा सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया। इसके अलावा राइफलमैन नीरज प्रसाद को फिजीकल, राइफलमैन चंद्रवीर सिंह को फायरिंग, राइफलमैन भाष्कर सिंह को ड्रिल के लिए सर्वश्रेष्ठ कैडेट घोषित कर उन्हें सम्मानित किया। कोर्स की सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चैंपियनशिप बैनर प्रदान किया गया। प्लाटून कमांडर नायब सूबेदार शैलेश कुमार ने समीक्षा अधिकारी से चैंपियनशिप बैनर प्राप्त किया। हवलदार योगेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक और नायब सूबेदार शैलेश कुमार को सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कमांडर के सम्मान से सम्मानित किया।
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