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अब पनियाली गदेरें में भी खननकारियों का राज
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कोटद्वार। स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र की नदियों के साथ अब पनियाली गदेरे में भी खननकारियों का राज हो गया है। दो साल से आपदा का कारण बने पनियाली गदेरे में खननकारियों ने अस्थायी सुरक्षा दीवार पाटकर अनियोजित और अवैध खनन शुरू कर दिया है। जहां एक ओर क्षेत्रवासी पनियाली गदेरे को अतिक्रमणमुक्त कर आपदा के कारणों का निस्तारण करने की मांग कर रहे हैं, वहीं शासन, प्रशासन और सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य से मुंह फेर लिया है। अवैध खनन के चलते पूरे क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग खतरे से अनजान बना हुआ है।
विगत दो वर्षों से बरसात के दौरान पनियाली गदेरे में आए उफान से शिवपुर, जौनपुर, सिताबपुर, मानपुर, प्रताप नगर, सूर्यानगर, जानकीनगर, शिवालिक नगर, पूर्व सैनिक कालोनी, कौड़िया आदि क्षेत्रों में बाढ़ आ रही है। घरों में बाढ़ का मलबा घुसने से लोगों का नुकसान हो रहा है। सिंचाई विभाग ने गत वर्ष जौनपुर में पानी घुसने से रोकने के लिए जौनपुर पुल के पास अस्थाई रूप से बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाई थी। लेकिन, विभागीय देखरेख में कमी के चलते खननकारियों ने अस्थायी दीवार को पाटकर उसपर गदेरे में जाने का रास्ता बना दिया है। खननकारी रात को बेखौफ होकर उक्त मार्ग में ट्रैक्टर ले जा रहे हैं और गदेरे से अवैध खनन कर रहे हैं। विभाग न तो बाढ़ को रोकने के लिए पक्की बाढ़ सुरक्षा दीवार बना रहा है और न ही कच्ची सुरक्षा दीवार को ही बचा पा रहा है। जिसके कारण लोगों को अभी से बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
नागरिक राकेश सिंह, आरके शर्मा, विक्रम सिंह रावत, राजेश्वरी देवी, कमला देवी ने सिंचाई विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि प्रति वर्ष पनियाली गदेरे में आई बाढ़ से उनका नुकसान हो रहा है। अब तो नदी में खननकारियों ने खनन करके गदेरे का ढलान आबादी की ओर कर दिया है, जिसके कारण अब बरसात में पूरा पानी उनके घरों की ओर आने का खतरा बना हुआ है। शीघ्र बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो तबाही निश्चित है।
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जल्द ही प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना कर गदेरे में खननकारियों के घुसने के मार्ग को बंद करने के साथ ही वहां पर बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया जाएगा।
-अनिल राठौर, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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- फोटो-
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विगत दो वर्षों से बरसात के दौरान पनियाली गदेरे में आए उफान से शिवपुर, जौनपुर, सिताबपुर, मानपुर, प्रताप नगर, सूर्यानगर, जानकीनगर, शिवालिक नगर, पूर्व सैनिक कालोनी, कौड़िया आदि क्षेत्रों में बाढ़ आ रही है। घरों में बाढ़ का मलबा घुसने से लोगों का नुकसान हो रहा है। सिंचाई विभाग ने गत वर्ष जौनपुर में पानी घुसने से रोकने के लिए जौनपुर पुल के पास अस्थाई रूप से बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाई थी। लेकिन, विभागीय देखरेख में कमी के चलते खननकारियों ने अस्थायी दीवार को पाटकर उसपर गदेरे में जाने का रास्ता बना दिया है। खननकारी रात को बेखौफ होकर उक्त मार्ग में ट्रैक्टर ले जा रहे हैं और गदेरे से अवैध खनन कर रहे हैं। विभाग न तो बाढ़ को रोकने के लिए पक्की बाढ़ सुरक्षा दीवार बना रहा है और न ही कच्ची सुरक्षा दीवार को ही बचा पा रहा है। जिसके कारण लोगों को अभी से बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
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नागरिक राकेश सिंह, आरके शर्मा, विक्रम सिंह रावत, राजेश्वरी देवी, कमला देवी ने सिंचाई विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि प्रति वर्ष पनियाली गदेरे में आई बाढ़ से उनका नुकसान हो रहा है। अब तो नदी में खननकारियों ने खनन करके गदेरे का ढलान आबादी की ओर कर दिया है, जिसके कारण अब बरसात में पूरा पानी उनके घरों की ओर आने का खतरा बना हुआ है। शीघ्र बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो तबाही निश्चित है।
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जल्द ही प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना कर गदेरे में खननकारियों के घुसने के मार्ग को बंद करने के साथ ही वहां पर बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया जाएगा।
-अनिल राठौर, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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