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घोषणाओं से नहीं, धरातल पर काम करने से रुकेगा पलायन

Tue, 06 Nov 2018 10:24 PM IST
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:24 PM IST
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घोषणाओं से नहीं, धरातल पर काम करने से रुकेगा पलायन
कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोटद्वार की बैठक में वन सीमा से सटे इलाकों के लोगों को वन्यजीवों की दहशत से निजात दिलाने की मांग राज्य और केंद्र सरकार से की गई। बैठक में कहा गया कि वन्यजीवों की दहशत से पहाड़ से लेकर मैदान तक के लोग अपनी परंपरागत खेतीबाड़ी और पशुपालन छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। कहा कि एक ओर सरकार पलायन रोकने के लिए मंचों से बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है, लेकिन धरातल की सच्चाई से मुंह मोड़ती आ रही है।
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परिषद के अध्यक्ष गोपालकृष्ण बड़थ्वाल की अध्यक्षता में अपर कालाबड़ में हुई बैठक में कोटद्वार भाबर में वन सीमा से सटे क्षेत्रों में बढ़ते वन्यजीवों के हमले और नुकसान पर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि हाल ही में दुगड्डा क्षेत्र में एक महिला को गुलदार ने मार डाला। गुलदार को गोली मारने के बजाय उसे फिर से जंगल में छोड़ दिया गया। कहा कि यमकेश्वर, द्वारीखाल, रिखणीखाल, दुगड्डा से लेकर एकेश्वर, पोखड़ा, जयहरीखाल, नैनीडांडा तक के लोग वन्यजीवों की दहशत से खेतीबाड़ी छोड़ने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में भी लोग वन्यजीवों की दहशत से परेशान हैं। बैठक में कैप्टन सीपी डोबरियाल, बलवान सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, अनूप बिष्ट और विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
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