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बस में सवार पूर्व फौजी की अटैची से नगदी और जेवर उड़ाकर बदमाश फरार
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। यूपी रोडवेज की बस में सवार होकर नजीबाबाद से कोटद्वार आते वक्त बदमाशों ने एक पूर्व सैनिक की अटैची से जेवर और नकदी उड़ा लिए। चोरी का आभास होने पर पूर्व फौजी ने एक बदमाश को दबोच लिया। दोनों के बीच काफी संघर्ष हुआ, लेकिन चोर किसी तरह अपने को हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। बदमाश के साथ हुए संघर्ष के दौरान कंडक्टर और सवारियां मूकदर्शक बनी रही। पीड़ित की ओर से नजीबाबाद और कोटद्वार कोतवाली में घटना की तहरीर दी गई है।
पीड़ित सुरेंद्र दत्त शुक्ला ने बताया कि वह अपनी पत्नी विमला देवी के साथ रुड़की से ट्रेन से नजीबाबाद आए। यहां से वह कोटद्वार आने के लिए यूपी रोडवेज की गढ़मुक्तेश्वर डिपो की बस में सवार हुए। बस खचाखच भरी थी। उन्हें बैठने की जगह नहीं मिली। अटैची बस की फर्श में रखकर वे भीड़ में ठीक ढंग से खड़े भी नहीं हो पाए थे कि चार-पांच संदिग्ध लोग बस में सवार हुए। बस में भीड़ होने के कारण कडंक्टर ने बस रोक दी तो बदमाशों ने धक्का-मुक्की कर सवारियों को आगे धकेलना शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्होंने अटैची से 20 हजार की नगदी, सोने के कुंडल और अंगूूठी निकाल ली। उन्हें अटैची से सामान निकालने की भनक लगी तो उन्होंने शोर मचाते हुए एक बदमाश को दबोच लिया, लेकिन कंडक्टर और अन्य सवारियों के मूकदर्शक बने रहने का फायदा उठाकर बदमाश अपने को छुड़ाकर भाग खड़ा हुआ। पीड़ित पूर्व फौजी ने बस कंडक्टर की भूमिका को भी संदिग्ध बताया। नजीबाबाद के एसएचओ देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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पीड़ित सुरेंद्र दत्त शुक्ला ने बताया कि वह अपनी पत्नी विमला देवी के साथ रुड़की से ट्रेन से नजीबाबाद आए। यहां से वह कोटद्वार आने के लिए यूपी रोडवेज की गढ़मुक्तेश्वर डिपो की बस में सवार हुए। बस खचाखच भरी थी। उन्हें बैठने की जगह नहीं मिली। अटैची बस की फर्श में रखकर वे भीड़ में ठीक ढंग से खड़े भी नहीं हो पाए थे कि चार-पांच संदिग्ध लोग बस में सवार हुए। बस में भीड़ होने के कारण कडंक्टर ने बस रोक दी तो बदमाशों ने धक्का-मुक्की कर सवारियों को आगे धकेलना शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्होंने अटैची से 20 हजार की नगदी, सोने के कुंडल और अंगूूठी निकाल ली। उन्हें अटैची से सामान निकालने की भनक लगी तो उन्होंने शोर मचाते हुए एक बदमाश को दबोच लिया, लेकिन कंडक्टर और अन्य सवारियों के मूकदर्शक बने रहने का फायदा उठाकर बदमाश अपने को छुड़ाकर भाग खड़ा हुआ। पीड़ित पूर्व फौजी ने बस कंडक्टर की भूमिका को भी संदिग्ध बताया। नजीबाबाद के एसएचओ देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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