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ग्रास्टनगंज में हाथियों ने मचाया उत्पात, बगीचा किया बर्बाद
Updated Thu, 31 May 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। सनेह पट्टी के वन सीमा से सटे गांव ग्रास्टनगंज से लेकर लालपानी तक हाथियों की धमाचौकड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार की रात ग्रास्टनगंज में हाथियों के झुंड ने एक बगीचा तहस-नहस कर दिया है। पूरी रात लोग दहशत में गुजारने को मजबूर थे। क्षेत्रवासियों का कहना था कि हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वन विभाग हाथियों को आबादी में रोकने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं कर पाया है।
संयुक्त समाज सेवी संगठन सनेह पट्टी के अध्यक्ष रतन सिंह नेगी, मोहन सिंह रावत, महानंद ध्यानी व बलराम सिंह ने बताया कि 22 मई के बाद से हर रात को हाथियों का झुंड सनेह पट्टी के गांवों में उत्पात मचा रहा है। बुधवार की रात हाथियों ने ग्रास्टनगंज स्थित शास्त्री बगीचे को तहस-नहस कर दिया। बगीचे में मौजूद मजदूरों ने भागकर जान बचाई। मजदूरों के डेरे में हाथी उनका राशन चट कर गए। वन विभाग ने एक दिन हाथी भगाने के लिए कर्मचारी भी भेजे, लेकिन हर रात को हाथियों के झुंड आबादी में धमक रहे हैं। इससे लोगों को जान का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ और कोटद्वार के रेंज अधिकारी को हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए ठोस पहल की मांग की है। कहा कि सनेह के गांवों में पूर्व में बनाई गई हाथीरोधी दीवारें मानक के अनुसार न बनने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सौर ऊर्जा की तारबाड़ का भी हाथियों पर असर नहीं हो रहा है। हाथियों को रोकने के लिए खोदी गई खाई भी बेकार साबित हो रही है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल का कहना है कि इन दिनों वन कर्मी जंगलों में लगी आग को बुझाने में लगे हैं। कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षा दिलाई जाएगी।
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संयुक्त समाज सेवी संगठन सनेह पट्टी के अध्यक्ष रतन सिंह नेगी, मोहन सिंह रावत, महानंद ध्यानी व बलराम सिंह ने बताया कि 22 मई के बाद से हर रात को हाथियों का झुंड सनेह पट्टी के गांवों में उत्पात मचा रहा है। बुधवार की रात हाथियों ने ग्रास्टनगंज स्थित शास्त्री बगीचे को तहस-नहस कर दिया। बगीचे में मौजूद मजदूरों ने भागकर जान बचाई। मजदूरों के डेरे में हाथी उनका राशन चट कर गए। वन विभाग ने एक दिन हाथी भगाने के लिए कर्मचारी भी भेजे, लेकिन हर रात को हाथियों के झुंड आबादी में धमक रहे हैं। इससे लोगों को जान का खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीणों ने लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ और कोटद्वार के रेंज अधिकारी को हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए ठोस पहल की मांग की है। कहा कि सनेह के गांवों में पूर्व में बनाई गई हाथीरोधी दीवारें मानक के अनुसार न बनने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सौर ऊर्जा की तारबाड़ का भी हाथियों पर असर नहीं हो रहा है। हाथियों को रोकने के लिए खोदी गई खाई भी बेकार साबित हो रही है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल का कहना है कि इन दिनों वन कर्मी जंगलों में लगी आग को बुझाने में लगे हैं। कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षा दिलाई जाएगी।
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