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पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा श्रीनगर में कराने पर भड़के छात्र
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार। पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर में कराए जाने से नाराज एनएसयूआई के छात्रों ने प्रधानाचार्य का घेराव कर प्रयोगात्मक परीक्षा कोटद्वार महाविद्यालय में कराए जाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी के नेतृत्व में छात्र कोटद्वार महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। उन्होंने गत वर्ष फेल हो चुके बीए, बीएससी और बीकॉम के पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर में कराने पर एतराज जताया। कहा कि छात्रों के पास पहले ही पैसों की कमी रहती है। ऐसे में तीन विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वे छात्र बार-बार श्रीनगर जाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की व्यवस्था कोटद्वार महाविद्यालय में की जा सकती है। उन्होंने प्राचार्य डा. एमएस रौतेला से छात्रों की समस्या को विश्वविद्यालय तक पहुंचाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर एनएसयूआई द्वारा वार्षिक परीक्षाएं रोकने और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इस अवसर पर एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी, अतुल डोबरियाल, नरेश चंद्र कोटनाला, अतुल भारती, निशि कोटनाला, राजा आर्य, हिमांशु नेेगी, हिमांशु बेरवाल व सौरभ रावत आदि मौजूद थे।
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सोमवार को एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी के नेतृत्व में छात्र कोटद्वार महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। उन्होंने गत वर्ष फेल हो चुके बीए, बीएससी और बीकॉम के पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर में कराने पर एतराज जताया। कहा कि छात्रों के पास पहले ही पैसों की कमी रहती है। ऐसे में तीन विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वे छात्र बार-बार श्रीनगर जाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की व्यवस्था कोटद्वार महाविद्यालय में की जा सकती है। उन्होंने प्राचार्य डा. एमएस रौतेला से छात्रों की समस्या को विश्वविद्यालय तक पहुंचाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर एनएसयूआई द्वारा वार्षिक परीक्षाएं रोकने और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
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इस अवसर पर एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु बहुखंडी, अतुल डोबरियाल, नरेश चंद्र कोटनाला, अतुल भारती, निशि कोटनाला, राजा आर्य, हिमांशु नेेगी, हिमांशु बेरवाल व सौरभ रावत आदि मौजूद थे।
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