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छावनी नगर के विकास के लिए केंद्र सरकार बनांए योजनाएं
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:32 PM IST
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लैंसडौन। नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से उत्तराखंड की चार छावनियों के पर्यटन विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की समन्वयक कमेटी बनाकर विकास की रूपरेखा तैयार करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और पर्यटन मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में नगर कांग्रेस सदस्य हितेश शर्मा और छात्र सक्षम कुमार ने कहा है कि प्रदेश की लैंसडौन, रानीखेत, चकराता और रुड़की छावनियां विकास से कोसों दूर है। वर्ष 2006 में नया छावनी अधिनियम वजूद में आया था, लेकिन, इसमें भी लोगों की जनभावनाओं के अनुरूप नियम नहीं बने। जबकि छावनी अधिनियम के बारे में संशोधन की मांग वर्षों पुरानी है। इसके विपरीत नए छावनी अधिनियम में छावनी के निर्वाचित सदस्योें के अधिकार सीमित की दिए गए हैं। छावनी अधिकारी और सदस्यों के बीच बनी संवादहीनता का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने छावनियों के विकास के लिए केंद्रीय पर्यटन विभाग के साथ रक्षा मंत्रालय की समन्वय समिति का गठन कर पर्यटन योजनाएं लागू करने की मांग की है।
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प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और पर्यटन मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में नगर कांग्रेस सदस्य हितेश शर्मा और छात्र सक्षम कुमार ने कहा है कि प्रदेश की लैंसडौन, रानीखेत, चकराता और रुड़की छावनियां विकास से कोसों दूर है। वर्ष 2006 में नया छावनी अधिनियम वजूद में आया था, लेकिन, इसमें भी लोगों की जनभावनाओं के अनुरूप नियम नहीं बने। जबकि छावनी अधिनियम के बारे में संशोधन की मांग वर्षों पुरानी है। इसके विपरीत नए छावनी अधिनियम में छावनी के निर्वाचित सदस्योें के अधिकार सीमित की दिए गए हैं। छावनी अधिकारी और सदस्यों के बीच बनी संवादहीनता का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने छावनियों के विकास के लिए केंद्रीय पर्यटन विभाग के साथ रक्षा मंत्रालय की समन्वय समिति का गठन कर पर्यटन योजनाएं लागू करने की मांग की है।
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