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पीपीपी मोड में संचालित होगा सीएचसी बीरोंखाल
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बीरोंखाल। सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र बीरोंखाल को सरकार ने पीपीपी मोड के तहत चलाने की पूरी तैयारी कर ली है। केंद्र को पहले पांच साल पीपीपी मोड के तहत चलाया जाएगा, इसके बाद फिर सरकार सीएचसी का संचालन खुद करेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी डा. वीएस जंगपांगी ने बताया कि बीरोंखाल सीएचसी के तहत करीब 60 गांवों के ग्रामीण इलाज कराने के लिए आते हैं। ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए बीरोंखाल सीएचसी को पीपीपी मोड के तहत संचालित किया जाएगा जिससे अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और डॉक्टरों की कमी भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पीपीपी मोड के तहत अधिक बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, तो अस्पताल से होने वाले करार को आगे बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है, लेकिन, पीपीपी मोड के तहत चिकित्सकों की अधिक तैनाती होगी और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके बाद फिर सरकार अपने अंडर में ले लेगी। जिला पंचायत सदस्य यशपाल सिंह पटवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए यह सार्थक प्रयास है।
सीएचसी प्रभारी डा. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। आगामी फरवरी माह से पीपीपी मोड के तहत अस्पताल का संचालन किया जाएगा। यहां तैनात स्टाफ को अन्य अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी डा. वीएस जंगपांगी ने बताया कि बीरोंखाल सीएचसी के तहत करीब 60 गांवों के ग्रामीण इलाज कराने के लिए आते हैं। ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए बीरोंखाल सीएचसी को पीपीपी मोड के तहत संचालित किया जाएगा जिससे अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और डॉक्टरों की कमी भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पीपीपी मोड के तहत अधिक बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, तो अस्पताल से होने वाले करार को आगे बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है, लेकिन, पीपीपी मोड के तहत चिकित्सकों की अधिक तैनाती होगी और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके बाद फिर सरकार अपने अंडर में ले लेगी। जिला पंचायत सदस्य यशपाल सिंह पटवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए यह सार्थक प्रयास है।
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सीएचसी प्रभारी डा. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। आगामी फरवरी माह से पीपीपी मोड के तहत अस्पताल का संचालन किया जाएगा। यहां तैनात स्टाफ को अन्य अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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