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चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का धरना-प्रदर्शन, तहसीलदार से वार्ता विफल
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। गत पांच वर्षों से शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन वर्दी निर्गत न होने से खफा उत्तराखंड राज्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी महासंघ का लगातार तीसरे दिन भी तहसील में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। वर्दी को लेकर कर्मचारियों से हुई तहसीलदार की वार्ता विफल रही। महासंघ ने वर्दी मिलने के बाद ही धरना-प्रदर्शन स्थगित करने की बात कही।
शुक्रवार को महासंघ की कोटद्वार इकाई ने लगातार तीसरे दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन से वर्दी दिलाने की मांग की। कहा कि पांच साल से उन्हें न तो ग्रीष्मकालीन वर्दी मिली है, न ही शीतकालीन। कई बार अल्टीमेटम, ज्ञापन देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है। महासंघ की कोटद्वार इकाई के मंत्री बीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मार्च माह में सरकार और प्रशासन को इस आशय का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। धरना-प्रदर्शन में शाखा अध्यक्ष रामवीर सिंह चौहान और महामंत्री वीरेंद्र रावत, साबर सिंह रावत, गिरीश चंद्र, घन्नालाल, मनोज कुमार और अनीता देवी आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को महासंघ की कोटद्वार इकाई ने लगातार तीसरे दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन से वर्दी दिलाने की मांग की। कहा कि पांच साल से उन्हें न तो ग्रीष्मकालीन वर्दी मिली है, न ही शीतकालीन। कई बार अल्टीमेटम, ज्ञापन देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है। महासंघ की कोटद्वार इकाई के मंत्री बीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मार्च माह में सरकार और प्रशासन को इस आशय का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। धरना-प्रदर्शन में शाखा अध्यक्ष रामवीर सिंह चौहान और महामंत्री वीरेंद्र रावत, साबर सिंह रावत, गिरीश चंद्र, घन्नालाल, मनोज कुमार और अनीता देवी आदि मौजूद थे।
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