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ैंसडौन में ही बना रहेगा वन विभाग के एसडीओ का दफ्तर
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:00 PM IST
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लैंसडौन। लैंसडौन स्थित उपप्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के दुगड्डा स्थानान्तरण के आदेश निरस्त हो गए हैं। अब यह कार्यालय लैंसडौन में ही बना रहेगा। कार्यालय के दुगड्डा स्थानान्तरण के आदेश वन विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा किए गए थे। कार्योालय स्थानान्तरण के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। जनभावनाओं को देखते हुए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने एसडीओ कार्यालय स्थानान्तरण के आदेश निरस्त करने के आदेश मुख्य वन संरक्षक को दिए हैं। प्रमुख वन संरक्षक की ओर से उक्त कार्यालय के लैंसडौन में ही बने रहने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि कुछ अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय स्थानान्तरण के खेल में लगे हुए हैं। उन्हें जनता की सेवाओं के लिए नियुक्त किया गया है। जिस जगह उन्हें नियुक्त किया गया है, उन्हें ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
विधायक दिलीप रावत ने कहा कि एसडीओ कार्यालय के स्थानान्तरण से उपजे जनाक्रोश के मददेनजर उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के दरबार में गुहार लगाई थी। कहा कि पर्यटन और ऐतिहासिक नगरी लैंसडौन से पहले डीएफओ दफ्तर कोटद्वार आया, इसके बाद सिंचाई विभाग भी वहां से खिसककर दुगड्डा आ गया। कार्यालयों के स्थानान्तरण से नगर में सरकारी पलायन की स्थिति बन गई है। जिसका खामियाजा नगरवासियों और क्षेत्र की ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रमुख वन संरक्षक को कार्यालय स्थानान्तरण के आदेश निरस्त करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। सीएम के आदेश से लैंसडौनवासियों ने राहत की सांस ली है।
विधायक दिलीप रावत ने कहा कि एसडीओ कार्यालय के स्थानान्तरण से उपजे जनाक्रोश के मददेनजर उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के दरबार में गुहार लगाई थी। कहा कि पर्यटन और ऐतिहासिक नगरी लैंसडौन से पहले डीएफओ दफ्तर कोटद्वार आया, इसके बाद सिंचाई विभाग भी वहां से खिसककर दुगड्डा आ गया। कार्यालयों के स्थानान्तरण से नगर में सरकारी पलायन की स्थिति बन गई है। जिसका खामियाजा नगरवासियों और क्षेत्र की ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रमुख वन संरक्षक को कार्यालय स्थानान्तरण के आदेश निरस्त करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। सीएम के आदेश से लैंसडौनवासियों ने राहत की सांस ली है।
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