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गौरेया और अन्य पक्षियों के सरंक्षण के लिए सभी की भागीदारी जरूरी
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:31 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के निंबूचौड़ स्थित क्रेडिल प्ले स्कूल में विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर आश सामाजिक संस्था की ओर से गौरेया के संरक्षण और बचाव के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पक्षी प्रेमी दिनेश चंद्र कुकरेती ने कोटद्वार और भाबर क्षेत्र में 500 स्वयं निर्मित नेस्ट बॉक्स वितरित किए। कहा कि गौरेया संरक्षण को सभी की भागीदारी जरूरी है।
रेणुका गुसाईं की अध्यक्षता में आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष गोपाल सिंह तोमर ने किया। गौरेया सरंक्षण पर आधारित विचार गोष्ठी में डीएफओ संतराम, गोविंद डंडरियाल, धनपाल सिंह रावत, विकास देवरानी, अमित सजवाण, लक्ष्मी रावत, शोभा रावत आदि ने कहा कि वर्तमान में पक्षियों की प्रजातियों में भारी कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने 21 वर्षों से शिक्षक दिनेश चंद्र कुकरेती द्वारा गौरेया के संरक्षण और बचाव के लिए किए जा रहे निजी प्रयासों की सराहना की। बताया कि इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पक्षी प्रेमी कुकरेती ने बताया कि नेस्ट बॉक्स की मदद से हम मैना, उल्लू, हुदहुद, राबिन पक्षियों का संरक्षण भी कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने 500 स्वयं निर्मित नेस्ट बॉक्स कोटद्वार और भाबर क्षेत्र में वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन यतेंद्र भट्ट ने किया। वहीं एसडीकेडी एजूकेशनल सोसाइटी में भी विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका सुमन मैंदोला, सुमन गुसाईं, जयंती देवी, मीनाक्षी, साधना व पूनम मौजूद रहे।
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रेणुका गुसाईं की अध्यक्षता में आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष गोपाल सिंह तोमर ने किया। गौरेया सरंक्षण पर आधारित विचार गोष्ठी में डीएफओ संतराम, गोविंद डंडरियाल, धनपाल सिंह रावत, विकास देवरानी, अमित सजवाण, लक्ष्मी रावत, शोभा रावत आदि ने कहा कि वर्तमान में पक्षियों की प्रजातियों में भारी कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने 21 वर्षों से शिक्षक दिनेश चंद्र कुकरेती द्वारा गौरेया के संरक्षण और बचाव के लिए किए जा रहे निजी प्रयासों की सराहना की। बताया कि इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पक्षी प्रेमी कुकरेती ने बताया कि नेस्ट बॉक्स की मदद से हम मैना, उल्लू, हुदहुद, राबिन पक्षियों का संरक्षण भी कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने 500 स्वयं निर्मित नेस्ट बॉक्स कोटद्वार और भाबर क्षेत्र में वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन यतेंद्र भट्ट ने किया। वहीं एसडीकेडी एजूकेशनल सोसाइटी में भी विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका सुमन मैंदोला, सुमन गुसाईं, जयंती देवी, मीनाक्षी, साधना व पूनम मौजूद रहे।
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