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रमन राणा की संदिग्ध मौत की हो सीबीआई जांच
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:37 PM IST
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कोटद्वार। काशीरामपुर स्थित कंडारी कालोनी निवासी युवक रमन राणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर परिजनों ने झंडाचौक में जमकर प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम कर दिया। जाम खुलवाने को लेकर परिजनों और उनके समर्थन में आए लोगों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पूरी घटना कोटद्वार और उत्तराखंड की है, इसके बावजूद उन्हें यूपी पुलिस के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कहा कि नामजद तहरीर के बावजूद इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
रमन राणा के परिजनों ने आरोप लगाया कि कोटद्वार पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की है। रमन राणा और उसके साथ गया उसका साथी भी कोटद्वार के ही निवासी हैं। पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से नजर डाले तो यह पूरी तरह से एक सुनियोजित हत्याकांड है। कोटद्वार अस्पताल के फुटेज में भी यह बात सामने आ रही है। कहा कि एक बार अस्पताल में उपचार के लिए जाने के बाद उनका नजीबाबाद रोड की ओर जाना संदिग्ध है। दुर्घटना की पूरी कहानी रची गई है। परिजनों ने कहा कि घटना की रात गत 13 दिसंबर को रमन घर से बिना बताए गया था। अगले दिन 14 दिसंबर की सुबह एक टैंपों चालक के जरिए उसकी मौत की खबर मिलती है। कहा कि घटना वाली रात रमन के साथ जो युवक मौजूद था, उसके खिलाफ कोटद्वार थाने में ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसे यूपी क्षेत्र का बताते हुए टाल दिया गया है। कहा कि मृतक का मोबाइल और पर्स भी अब तक नहीं मिला है। उसके पर्स में एटीएम समेत कई जरूरी कागज भी थे।
रविवार रात झंडाचौक पर जाम लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ काफी नोकझोंक भी हुई। इस मौके पर मृतक की मां बीना राणा, उनके नाते रिश्तेदार, पड़ोसी और अन्य परिजन मौजूद थे।
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उधर, उत्तराखंड आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा की बैठक में प्रदेश सरकार से रमन राणा की संदिग्ध मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है। कहा कि कोटद्वार पुलिस को इस मामले में यूपी पुलिस का मामला बताकर पल्ला नहीं झाड़ना चाहिए। सोमवार को बालासौड़ स्थित कार्यालय पर आयोजित मोर्चा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 13 दिसंबर की रात रमन राणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। कहा कि रमन राणा कोटद्वार का निवासी था, इसलिए कोटद्वार पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत, प्रवक्ता विजय ध्यानी, प्रदीप नेगी, पीतांबर नेगी, पुष्कर रावत, मनोज पुंडीर, गोपाल, विजय कंडारी आदि मौजूद रहे।
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फोटो समाचार
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जारी
चंद्रमोहन शुक्ला
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रमन राणा के परिजनों ने आरोप लगाया कि कोटद्वार पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की है। रमन राणा और उसके साथ गया उसका साथी भी कोटद्वार के ही निवासी हैं। पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से नजर डाले तो यह पूरी तरह से एक सुनियोजित हत्याकांड है। कोटद्वार अस्पताल के फुटेज में भी यह बात सामने आ रही है। कहा कि एक बार अस्पताल में उपचार के लिए जाने के बाद उनका नजीबाबाद रोड की ओर जाना संदिग्ध है। दुर्घटना की पूरी कहानी रची गई है। परिजनों ने कहा कि घटना की रात गत 13 दिसंबर को रमन घर से बिना बताए गया था। अगले दिन 14 दिसंबर की सुबह एक टैंपों चालक के जरिए उसकी मौत की खबर मिलती है। कहा कि घटना वाली रात रमन के साथ जो युवक मौजूद था, उसके खिलाफ कोटद्वार थाने में ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसे यूपी क्षेत्र का बताते हुए टाल दिया गया है। कहा कि मृतक का मोबाइल और पर्स भी अब तक नहीं मिला है। उसके पर्स में एटीएम समेत कई जरूरी कागज भी थे।
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रविवार रात झंडाचौक पर जाम लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ काफी नोकझोंक भी हुई। इस मौके पर मृतक की मां बीना राणा, उनके नाते रिश्तेदार, पड़ोसी और अन्य परिजन मौजूद थे।
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उधर, उत्तराखंड आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा की बैठक में प्रदेश सरकार से रमन राणा की संदिग्ध मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है। कहा कि कोटद्वार पुलिस को इस मामले में यूपी पुलिस का मामला बताकर पल्ला नहीं झाड़ना चाहिए। सोमवार को बालासौड़ स्थित कार्यालय पर आयोजित मोर्चा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 13 दिसंबर की रात रमन राणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। कहा कि रमन राणा कोटद्वार का निवासी था, इसलिए कोटद्वार पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत, प्रवक्ता विजय ध्यानी, प्रदीप नेगी, पीतांबर नेगी, पुष्कर रावत, मनोज पुंडीर, गोपाल, विजय कंडारी आदि मौजूद रहे।
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फोटो समाचार
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जारी
चंद्रमोहन शुक्ला