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पूर्ण नशाबंदी लागू कर हो मद्यनिषेध विभाग का गठन
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:27 PM IST
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कोटद्वार। नशाबंदी परिषद ने बिहार की तर्ज पर उत्तराखंड प्रदेश में भी पूर्ण नशाबंदी लागू करने और शराब विरोधी आंदोलन से जुड़े नशाबंदी कार्यकर्ताओं पर लगे मुकदमे वापस लेने की मांग प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है।
परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन भारद्वाज ने कहा कि राज्य गठन के 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार प्रदेश में पूर्ण रूप से नशाबंदी लागू नहीं कर पाई है। प्रदेश में लगातार बढ़ते नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार को मद्यनिषेध विभाग का गठन और अपनी लोकप्रियता कायम रखने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की तरह ठोस नीति बनाकर उत्तराखंड में भी पूर्ण नशाबंदी लागू करनी चाहिए। उत्तराखंड की जनता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग राज्य सरकारों से की थी, लेकिन प्रदेश सरकार नशाबंदी पर रोक लगाने में नाकाम रही। कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही मद्यनिषेध विभाग का गठन और इसके प्रचार प्रसार के लिए मद्यनिषेध सलाहकार परिषद बनाया जाए। साथ ही प्रत्येक जनपद में सरकार नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना करें, जहां नशे के आदी लोगों को नि:शुल्क उपचार मिल सके।
परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन भारद्वाज ने कहा कि राज्य गठन के 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार प्रदेश में पूर्ण रूप से नशाबंदी लागू नहीं कर पाई है। प्रदेश में लगातार बढ़ते नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार को मद्यनिषेध विभाग का गठन और अपनी लोकप्रियता कायम रखने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की तरह ठोस नीति बनाकर उत्तराखंड में भी पूर्ण नशाबंदी लागू करनी चाहिए। उत्तराखंड की जनता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग राज्य सरकारों से की थी, लेकिन प्रदेश सरकार नशाबंदी पर रोक लगाने में नाकाम रही। कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही मद्यनिषेध विभाग का गठन और इसके प्रचार प्रसार के लिए मद्यनिषेध सलाहकार परिषद बनाया जाए। साथ ही प्रत्येक जनपद में सरकार नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना करें, जहां नशे के आदी लोगों को नि:शुल्क उपचार मिल सके।
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