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दुगड्डा के चूनाधारा पेयजल स्रोत में हो रही है वाहनों की धुलाई
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:40 PM IST
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दुगड्डा। नगर क्षेत्र दुगड्डा स्थित प्राकृतिक जलस्रोत चूनाधारा में एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। पेयजल स्रोत में वाहनों की धुलाई से लगे जाम से मुसाफिरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दुगड्डा नगर क्षेत्र में एकमात्र प्राकृतिक जल स्रोत चूनाधारा का उपयोग नगरवासी प्रतिदिन व आवाजाही करने वाले सैलानी करते हैं। प्राचीन पेयजल स्रोत के निकट वाहनों की धुलाई से मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे दोपहिया वाहन रपट कर बाइक सवार चोटिल हो जाते हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से चूनाधारा में वाहनों की धुलाई और पार्किंग करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश नगर पालिका एक्ट 1916 के तहत उत्तराखंड में धाराओं और नगर पालिका उप नियमों के अनुरूप ऐसा किया जाने पर 500 से 5000 का जुर्माने का प्रावधान है। नगर पालिका परिषद दुगड्डा के अध्यक्ष दीपक बड़ोला ने बताया कि चूनाधारा प्राकृतिक पेयजल स्रोत है। उसका संरक्षण किया जाना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। जलस्रोत के निकट वाहनों की धुलाई प्रतिबंधित की गई है। उसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय पुलिस और एनएच के अधिकारियों को कई बार कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया है। शीघ्र संबंधित विभाग के अधिकारी को पुन: लिखित शिकायत प्रेषित की जाएगी।
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दुगड्डा नगर क्षेत्र में एकमात्र प्राकृतिक जल स्रोत चूनाधारा का उपयोग नगरवासी प्रतिदिन व आवाजाही करने वाले सैलानी करते हैं। प्राचीन पेयजल स्रोत के निकट वाहनों की धुलाई से मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे दोपहिया वाहन रपट कर बाइक सवार चोटिल हो जाते हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से चूनाधारा में वाहनों की धुलाई और पार्किंग करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश नगर पालिका एक्ट 1916 के तहत उत्तराखंड में धाराओं और नगर पालिका उप नियमों के अनुरूप ऐसा किया जाने पर 500 से 5000 का जुर्माने का प्रावधान है। नगर पालिका परिषद दुगड्डा के अध्यक्ष दीपक बड़ोला ने बताया कि चूनाधारा प्राकृतिक पेयजल स्रोत है। उसका संरक्षण किया जाना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। जलस्रोत के निकट वाहनों की धुलाई प्रतिबंधित की गई है। उसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय पुलिस और एनएच के अधिकारियों को कई बार कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया है। शीघ्र संबंधित विभाग के अधिकारी को पुन: लिखित शिकायत प्रेषित की जाएगी।
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