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निजीकरण होने पर भड़का विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार/धुमाकोट। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने ऊर्जा निगम में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध किया है। मंगलवार को उनकी अनदेखी से नाराज ऊर्जा निगम के संविदा कर्मियों ने ब्लॉक मुख्यालय नैनीडांडा में विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने निजीकरण के विरोध में मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा में संविदा विद्युत कर्मी संघ के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह रावत ने विभाग पर संविदा कर्मियों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि धुमाकोट क्षेत्र में 13 संविदाकर्मी कार्यरत हैं। निजीकरण होने से यह सब लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने निजीकरण प्रक्रिया को स्थगित करने और उपखंड में तैनात सभी संविदा कर्मियों को यथावत अपने स्थान पर कार्यरत रहने दिए जाने, पहले की भांति चल रही विद्युत व्यवस्था को यथावत रखा जाने की मांग की। इस दौरान संघ के विशन सिंह गुसाईं, मुकेश ढौंडियाल, संदीप ध्यानी, सुबोध चतुर्वेदी व सोहन सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, कोटद्वार में आयोजित बैठक में विद्युत संविदा कर्मचारियों ने विभाग के फैसले का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से जोखिम भरा कार्य कर रहे हैं। विभाग संविदा कर्मियों को नियमित करने की अपेक्षा उनके कार्यों का निजीकरण कर उनके अधिकारों पर कुठाराघात कर रहा है। इसके विरोध में एक फरवरी को विद्युत वितरण खंड कोटद्वार कार्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएग। इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष अमित बहुगुणा, सोहन सिंह असवाल, विजय, मनमोहन, अमित बडोला, रविंद्र चौधरी व हेमंत आदि मौजूद थे।
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इस अवसर पर आयोजित सभा में संविदा विद्युत कर्मी संघ के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह रावत ने विभाग पर संविदा कर्मियों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि धुमाकोट क्षेत्र में 13 संविदाकर्मी कार्यरत हैं। निजीकरण होने से यह सब लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने निजीकरण प्रक्रिया को स्थगित करने और उपखंड में तैनात सभी संविदा कर्मियों को यथावत अपने स्थान पर कार्यरत रहने दिए जाने, पहले की भांति चल रही विद्युत व्यवस्था को यथावत रखा जाने की मांग की। इस दौरान संघ के विशन सिंह गुसाईं, मुकेश ढौंडियाल, संदीप ध्यानी, सुबोध चतुर्वेदी व सोहन सिंह आदि मौजूद रहे।
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उधर, कोटद्वार में आयोजित बैठक में विद्युत संविदा कर्मचारियों ने विभाग के फैसले का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से जोखिम भरा कार्य कर रहे हैं। विभाग संविदा कर्मियों को नियमित करने की अपेक्षा उनके कार्यों का निजीकरण कर उनके अधिकारों पर कुठाराघात कर रहा है। इसके विरोध में एक फरवरी को विद्युत वितरण खंड कोटद्वार कार्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएग। इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष अमित बहुगुणा, सोहन सिंह असवाल, विजय, मनमोहन, अमित बडोला, रविंद्र चौधरी व हेमंत आदि मौजूद थे।
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