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हजारों बच्चों को एक माह से नहीं लगा टीका, खतरे में बचपन
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:47 PM IST
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कोटद्वार। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते दुगड्डा ब्लाक के 21 टीकाकरण केंद्रों से जुड़े हजारों नौनिहालों को पिछले एक माह से पांच घातक रोगों से बचाने वाला पेंटावैलेंट टीका नहीं लगाया गया है। बच्चों पर गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। लोग प्राइवेट क्लीनिकों में कई गुुना मंहगे दामों पर टीका लगाने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इससे बेखबर बने हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेंटावैलेंट के एक्सपायरी होने के कारण विगत 30 सितंबर को ब्लाक के 21 एएनएम सेंटरों से वैक्सीन का स्टॉक वापस मंगा लिया गया था। तब से ही एएनएम केंद्रों में लोग अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं लेकिन टीका नहीं लगने से बैरंग लौट रहे हैं। एएनएम केंद्र लगातार स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पेंटावैलेंट टीका की डिमांड भेज रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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प्राइवेट क्लीनिकों में कई गुना मंहगा है टीका
कोटद्वार पदमपुर सुखरौ निवासी हरिमोहन सिंह रावत, जगदंबा प्रसाद जखवाल ने स्वास्थ्य विभाग पर बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले एक महीने से टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन नहीं है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट क्लीनिकों में 2000 से 5000 हजार रुपये में टीका लगाने को मजबूर हैं।
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क्या है पेंटावैलेंट टीका
पेंटावैलेंट टीका बच्चों को बचपन में होने वाली बीमारी गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी, हिमोफिलस इंफ्लूएंजा टाइप बी जैसी पांच घातक बीमारियों से बचाव के लिए लगता है। यह छह सप्ताह, 10 सप्ताह और 14 सप्ताह के बच्चों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों में निशुल्क लगाया जाता हैै। दुगड्डा ब्लाक में यह टीका 21 एएनएम केंद्रों में लगाए जाते है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बच्चों को एक माह से पेंटावैलेंट टीका नहीं लगना गंभीर बात है। इसकी जांच कराई जाएगी।
- सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेंटावैलेंट के एक्सपायरी होने के कारण विगत 30 सितंबर को ब्लाक के 21 एएनएम सेंटरों से वैक्सीन का स्टॉक वापस मंगा लिया गया था। तब से ही एएनएम केंद्रों में लोग अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं लेकिन टीका नहीं लगने से बैरंग लौट रहे हैं। एएनएम केंद्र लगातार स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पेंटावैलेंट टीका की डिमांड भेज रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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प्राइवेट क्लीनिकों में कई गुना मंहगा है टीका
कोटद्वार पदमपुर सुखरौ निवासी हरिमोहन सिंह रावत, जगदंबा प्रसाद जखवाल ने स्वास्थ्य विभाग पर बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले एक महीने से टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन नहीं है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट क्लीनिकों में 2000 से 5000 हजार रुपये में टीका लगाने को मजबूर हैं।
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क्या है पेंटावैलेंट टीका
पेंटावैलेंट टीका बच्चों को बचपन में होने वाली बीमारी गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी, हिमोफिलस इंफ्लूएंजा टाइप बी जैसी पांच घातक बीमारियों से बचाव के लिए लगता है। यह छह सप्ताह, 10 सप्ताह और 14 सप्ताह के बच्चों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों में निशुल्क लगाया जाता हैै। दुगड्डा ब्लाक में यह टीका 21 एएनएम केंद्रों में लगाए जाते है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बच्चों को एक माह से पेंटावैलेंट टीका नहीं लगना गंभीर बात है। इसकी जांच कराई जाएगी।
- सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी।