{"_id":"59c3f6fa4f1c1b30688b5ca4","slug":"181506014970-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने की मां शैलपुत्री की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने की मां शैलपुत्री की पूजा
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। शारदीय नवरात्र का विधिवत शुभारंभ हो गया। क्षेत्र के विभिन्न माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। उन्होंने आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की।
बृहस्पतिवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने घरों और देवी मंदिरों में वैदिक मंत्रोचार के बीच देवी स्तुति, नवदुर्गा प्रार्थना, देवी कवच, आरती, भजन-कीर्तन आदि आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नवरात्र पर सिद्धपीठ सुखरौ देवी मंदिर, सिंदूरा देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, सिद्धबली मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर आदि में दर्शन, पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यमकेश्वर में काली मंदिर, महाबगढ़ दुर्गा मंदिर में घट स्थाना की गई, देवी डांडा में मां श्याम सुंदरी मंदिर में दिन भर दूर दराज से दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुगड्डा मार्ग पर खोह नदी के किनारे प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर में कोटद्वार और निकटवर्टी क्षेत्रों के श्रद्धालु पहुंचे। सतपुली क्षेत्र के सांगुड़ा देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से पहले नवरात्र पर कन्याओं का देवी माता के रूप में श्रृंगार किया गया।
धुमाकोट क्षेत्र के प्रसिद्ध देवी मंदिर बूंगीदेवी, भौनदेवी, बड़ी दीवा मंदिर, दुर्गा मंदिर अदालीखाल, धूमादेवी मंदिर आदि में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी कलश स्थापना के साथ ही लोगों ने व्रत धारण कर देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने घरों और देवी मंदिरों में वैदिक मंत्रोचार के बीच देवी स्तुति, नवदुर्गा प्रार्थना, देवी कवच, आरती, भजन-कीर्तन आदि आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नवरात्र पर सिद्धपीठ सुखरौ देवी मंदिर, सिंदूरा देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, सिद्धबली मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर आदि में दर्शन, पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यमकेश्वर में काली मंदिर, महाबगढ़ दुर्गा मंदिर में घट स्थाना की गई, देवी डांडा में मां श्याम सुंदरी मंदिर में दिन भर दूर दराज से दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुगड्डा मार्ग पर खोह नदी के किनारे प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर में कोटद्वार और निकटवर्टी क्षेत्रों के श्रद्धालु पहुंचे। सतपुली क्षेत्र के सांगुड़ा देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से पहले नवरात्र पर कन्याओं का देवी माता के रूप में श्रृंगार किया गया।
विज्ञापन
धुमाकोट क्षेत्र के प्रसिद्ध देवी मंदिर बूंगीदेवी, भौनदेवी, बड़ी दीवा मंदिर, दुर्गा मंदिर अदालीखाल, धूमादेवी मंदिर आदि में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी कलश स्थापना के साथ ही लोगों ने व्रत धारण कर देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की।
विज्ञापन