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कार्यशाला में दी आग लगने के कारणों और बचाव की जानकारी
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fire
- फोटो : amarujala
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कोटद्वार। अग्निशमन विभाग की ओर से अग्निशमन सेवा सप्ताह के दूसरे दिन गाड़ीघाट स्थित ब्लूमिंग वेल पब्लिक स्कूल में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं को आग लगने के कारणों और बचाव की जानकारी दी गई। इस मौके पर रेस्क्यू का प्रदर्शन भी किया गया।
विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में अग्निशमन विभाग के लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को आग के प्रकार, आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानियों और रेस्क्यू के बारे में जानकारी दी। कहा कि यदि हम सतर्क रहें तो आग की घटनाओं को रोकने में सफल हो सकते हैं और आग से होने वाली हानि को भी कम किया जा सकता है। लीडिंग फायरमैन कृपाराम शर्मा ने कहा कि पहले अग्निशमन विभाग केवल आग बुझाने का ही काम करता था, लेकिन अब विभाग को आपातकाल से जोड़ दिया गया है। इसके तहत आपदा में भी अग्निशमन विभाग की ओर से रेस्क्यू किया जाता है। उन्होंने कहा कि डूबते हुए व्यक्ति के सामने जाने के बजाय उसे रस्सी व लकड़ी आदि के माध्यम से बाहर निकालने के प्रयास किए जाने चाहिए। विद्यालय के प्रबंधक सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने कार्यशाला के आयोजन के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि छात्र-छात्राएं कार्यशाला में प्राप्त अनुभवों को अपने परिवार, आस-पड़ोस और मित्रों तक प्रचारित करेंगे। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा गौड़, ईला भट्ट, आशीष बहुगुणा, सुनीता नेगी, सुरेश भारद्वाज, रीना डबराल, रीना कंडारी, निरंकुश वर्मा, अग्निशमन विभाग के कर्मी राहुल थापा, नरेंद्र शर्मा, रंजीत सिंह, अशोक कुमार, राजेंद्र गौड़, राजेश व योगेश आदि मौजूद रहे।
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विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में अग्निशमन विभाग के लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को आग के प्रकार, आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानियों और रेस्क्यू के बारे में जानकारी दी। कहा कि यदि हम सतर्क रहें तो आग की घटनाओं को रोकने में सफल हो सकते हैं और आग से होने वाली हानि को भी कम किया जा सकता है। लीडिंग फायरमैन कृपाराम शर्मा ने कहा कि पहले अग्निशमन विभाग केवल आग बुझाने का ही काम करता था, लेकिन अब विभाग को आपातकाल से जोड़ दिया गया है। इसके तहत आपदा में भी अग्निशमन विभाग की ओर से रेस्क्यू किया जाता है। उन्होंने कहा कि डूबते हुए व्यक्ति के सामने जाने के बजाय उसे रस्सी व लकड़ी आदि के माध्यम से बाहर निकालने के प्रयास किए जाने चाहिए। विद्यालय के प्रबंधक सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने कार्यशाला के आयोजन के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि छात्र-छात्राएं कार्यशाला में प्राप्त अनुभवों को अपने परिवार, आस-पड़ोस और मित्रों तक प्रचारित करेंगे। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा गौड़, ईला भट्ट, आशीष बहुगुणा, सुनीता नेगी, सुरेश भारद्वाज, रीना डबराल, रीना कंडारी, निरंकुश वर्मा, अग्निशमन विभाग के कर्मी राहुल थापा, नरेंद्र शर्मा, रंजीत सिंह, अशोक कुमार, राजेंद्र गौड़, राजेश व योगेश आदि मौजूद रहे।
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