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आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलने पर धरने पर बैठा परिवार
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कोटद्वार। आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों में इलाज की सुविधा नहीं मिलने से मायूस कोटद्वार रमेशनगर का एक परिवार धरने पर बैठ गया है। इस परिवार ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर योजना के तहत उनका निशुल्क इलाज कराने की मांग की है।
शुक्रवार को नगर निगम वार्ड नंबर 15 रमेशनगर निवासी विकास प्रसाद अपने परिवार के साथ तहसील पहुंचा और एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गया। उसने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को उनका आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने की मांग का पत्र भेजा। इस अवसर पर पीड़ित विकास प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी पिंकी प्रसाद हृदय रोग से पीड़ित है। डाक्टरों ने उसकी बाईपास सर्जरी के लिए कहा है। ऐसे में वह सात जनवरी को अपनी पत्नी को लेकर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में गया, लेकिन डाक्टरों ने उसका आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने से मना कर दिया। उसके बाद वह देहरादून स्थित महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचा, वहां भी उसे योजना का लाभ नहीं मिला। डाक्टरों ने उसे बड़ी रकम जमा कराने के लिए पर्ची थमा दी। विकास प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में बीमारियों की सूची में बाईपास सर्जरी को अंकित किया गया है, लेकिन प्रदेश के अस्पताल इस सूची को मानने को तैयार नहीं हैं और वे इलाज के लिए मोटी रकम मांग रहे हैं। उसने बताया कि वह गरीब है और उसके पास अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं। इस कारण हार कर वह तहसील में धरने पर बैठने को मजबूर है। उसने मुख्यमंत्री से उसकी पत्नी का इलाज कराने की मांग की है। उसके साथ उसकी पत्नी पिंकी प्रसाद, कुसुम देवी, शकुंतला देवी व काजल रावत आदि धरने पर बैठे।
-फोटो
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शुक्रवार को नगर निगम वार्ड नंबर 15 रमेशनगर निवासी विकास प्रसाद अपने परिवार के साथ तहसील पहुंचा और एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गया। उसने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को उनका आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने की मांग का पत्र भेजा। इस अवसर पर पीड़ित विकास प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी पिंकी प्रसाद हृदय रोग से पीड़ित है। डाक्टरों ने उसकी बाईपास सर्जरी के लिए कहा है। ऐसे में वह सात जनवरी को अपनी पत्नी को लेकर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में गया, लेकिन डाक्टरों ने उसका आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने से मना कर दिया। उसके बाद वह देहरादून स्थित महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचा, वहां भी उसे योजना का लाभ नहीं मिला। डाक्टरों ने उसे बड़ी रकम जमा कराने के लिए पर्ची थमा दी। विकास प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में बीमारियों की सूची में बाईपास सर्जरी को अंकित किया गया है, लेकिन प्रदेश के अस्पताल इस सूची को मानने को तैयार नहीं हैं और वे इलाज के लिए मोटी रकम मांग रहे हैं। उसने बताया कि वह गरीब है और उसके पास अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं। इस कारण हार कर वह तहसील में धरने पर बैठने को मजबूर है। उसने मुख्यमंत्री से उसकी पत्नी का इलाज कराने की मांग की है। उसके साथ उसकी पत्नी पिंकी प्रसाद, कुसुम देवी, शकुंतला देवी व काजल रावत आदि धरने पर बैठे।
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