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कोटिकरण में सुधार कर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करे सरकार
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:33 PM IST
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कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ब्लॉक शाखा दुगड्डा की बैठक में वक्ताओं ने सरकार से विद्यालयों के कोटिकरण विसंगतियों को दूर कर नियत समय पर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार त्रुटिपूर्ण नियमावली के नाम पर शिक्षकों को गुमराह कर रही है।
रविवार को संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अब्बल सिंह रावत की अध्यक्षता में की गई। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम लागू करने से पूर्व वर्षों से चली आ रही विद्यालयों के कोटिकरण विसंगतियों को दूर कर नियत समय पर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाए। जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों ने वर्षों से दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों में रहकर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य कर अपने दायित्वों को निभाया है। इसके बावजूद सरकार द्वारा कभी त्रुटिपूर्ण नियमावली और कभी एक्ट के नाम पर शिक्षकों को गुमराह किया जा रहा है। कहा कि सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाओं में जो गिरावट आई है, उसके लिए केवल शिक्षक ही जिम्मेदार नहीं हैं। सरकार की गलत नीतियां भी जिम्मेदार हैं। कहा कि 2008 में हुए विद्यालयों के त्रुटिपूर्ण कोटिकरण के आधार पर शिक्षकों के वर्षों से दुर्गम में की गई सेवा गुणाकों में भारी कटौती की गई। इसके कारण शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ा।
बैठक में आशीष खर्कवाल, रमेश कुकरेती, राजेंद्र कुमार भंडारी, डब्बल सिंह, बलवीर सिंह रावत, मुकेश रावत, पीएल बडोला, रतन सिंह, रविंद्र रावत, धीरेंद्र रावत, अमित बलूनी, जगदीश जोशी, सुमनलता रावत, बलवीर नेगी व संजय रावत आदि मौजूद रहे।
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रविवार को संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अब्बल सिंह रावत की अध्यक्षता में की गई। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम लागू करने से पूर्व वर्षों से चली आ रही विद्यालयों के कोटिकरण विसंगतियों को दूर कर नियत समय पर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाए। जिलामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों ने वर्षों से दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों में रहकर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य कर अपने दायित्वों को निभाया है। इसके बावजूद सरकार द्वारा कभी त्रुटिपूर्ण नियमावली और कभी एक्ट के नाम पर शिक्षकों को गुमराह किया जा रहा है। कहा कि सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाओं में जो गिरावट आई है, उसके लिए केवल शिक्षक ही जिम्मेदार नहीं हैं। सरकार की गलत नीतियां भी जिम्मेदार हैं। कहा कि 2008 में हुए विद्यालयों के त्रुटिपूर्ण कोटिकरण के आधार पर शिक्षकों के वर्षों से दुर्गम में की गई सेवा गुणाकों में भारी कटौती की गई। इसके कारण शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ा।
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बैठक में आशीष खर्कवाल, रमेश कुकरेती, राजेंद्र कुमार भंडारी, डब्बल सिंह, बलवीर सिंह रावत, मुकेश रावत, पीएल बडोला, रतन सिंह, रविंद्र रावत, धीरेंद्र रावत, अमित बलूनी, जगदीश जोशी, सुमनलता रावत, बलवीर नेगी व संजय रावत आदि मौजूद रहे।
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