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लालढांग मार्ग पर पहला पुल बनकर तैयार, आज सीएम करेंगे लोकार्पण
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कोटद्वार। कोटद्वार भाबर की लाइफ लाइन चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर जल्द वाहन फर्राटा भरेंगे। सड़क पर पहली पुलिया बनकर तैयार हो गई है। इसका मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को लोकार्पण करेंगे।
गत वर्ष 16 दिसंबर को चिलरखाल में आयोजित एक समारोह में चिलरखाल-लालढांग मार्ग निर्माण का शिलान्यास वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने किया था। 11 किमी इस वन मोटर मार्ग का दोनों ओर का छह किमी भूभाग वन विभाग से लोनिवि के सुपुर्द कर दिया गया। करीब नौ करोड़ की लागत से राज्य सरकार ने 11 किमी सड़क का डामरीकरण और चार पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 20 मीटर स्पान का सीसी पुल (पूर्व की कठपुलिया) बनकर तैयार हो गया है।
वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत बताया कि आगामी बरसात से पहले लालढांग मार्ग के अन्य तीनों पुलों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस मानसून सत्र में भी यातायात सुचारु रखा जाय। इससे राज्य के भीतर से हरिद्वार और देहरादून आवाजाही सुगम हो गई है। सड़क और सभी पुल बनने के बाद कोटद्वार के उद्योगों को भी पंख लगेंगे।
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गत वर्ष 16 दिसंबर को चिलरखाल में आयोजित एक समारोह में चिलरखाल-लालढांग मार्ग निर्माण का शिलान्यास वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने किया था। 11 किमी इस वन मोटर मार्ग का दोनों ओर का छह किमी भूभाग वन विभाग से लोनिवि के सुपुर्द कर दिया गया। करीब नौ करोड़ की लागत से राज्य सरकार ने 11 किमी सड़क का डामरीकरण और चार पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 20 मीटर स्पान का सीसी पुल (पूर्व की कठपुलिया) बनकर तैयार हो गया है।
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वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत बताया कि आगामी बरसात से पहले लालढांग मार्ग के अन्य तीनों पुलों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस मानसून सत्र में भी यातायात सुचारु रखा जाय। इससे राज्य के भीतर से हरिद्वार और देहरादून आवाजाही सुगम हो गई है। सड़क और सभी पुल बनने के बाद कोटद्वार के उद्योगों को भी पंख लगेंगे।
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