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कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग पर जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
Updated Wed, 12 Dec 2018 09:07 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी। कोटद्वार-नजीबाबाद रेल लाइन पर विद्युतीकरण का काम शुरू हो गया है। यह काम इसी वित्तीय वर्ष में मार्च 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।
अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1885 में बने कोटद्वार रेलवे स्टेशन से जल्द ही रेल यात्रियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने का मौका मिलेगा। ब्रिटिशकाल में ही कोटद्वार रेल सेवा से जुड़ गया था। आजाद भारत की सरकार में कोटद्वार को मॉडल रेलवे स्टेशन घोषित किया गया, लेकिन आज तक यहां न तो डबल लाइन बिछ पाई और न ही रेल सेवाओं में इजाफा ही हो सका। यही वजह रही कि अभी तक नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच 25 किमी लंबी लाइन का विद्युतीकरण भी नहीं हो सका था। अब तक यहां चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, गढ़वाल एक्सप्रेस और मसूरी के कोच भी डीजल इंजन से जुड़कर आते जाते रहे हैं।
सांसद मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) के प्रयासों से उत्तर रेलवे ने कोटद्वार रेल लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि करीब 25 किमी लंबे कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य मार्च 2019 तक निर्धारित किया गया है, जिसके तहत कोटद्वार रेलवे स्टेशन से नजीबाबाद तक लाइन के दोनों ओर गड्ढे खोदकर खंभे लगाने का काम शुरू हो गया है। स्टेशन मास्टर रामाश्रय राम ने बताया कि डीजल के इंजन में ईंधन की खपत ज्यादा होती है। इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों में समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी।
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अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1885 में बने कोटद्वार रेलवे स्टेशन से जल्द ही रेल यात्रियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने का मौका मिलेगा। ब्रिटिशकाल में ही कोटद्वार रेल सेवा से जुड़ गया था। आजाद भारत की सरकार में कोटद्वार को मॉडल रेलवे स्टेशन घोषित किया गया, लेकिन आज तक यहां न तो डबल लाइन बिछ पाई और न ही रेल सेवाओं में इजाफा ही हो सका। यही वजह रही कि अभी तक नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच 25 किमी लंबी लाइन का विद्युतीकरण भी नहीं हो सका था। अब तक यहां चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, गढ़वाल एक्सप्रेस और मसूरी के कोच भी डीजल इंजन से जुड़कर आते जाते रहे हैं।
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सांसद मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) के प्रयासों से उत्तर रेलवे ने कोटद्वार रेल लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि करीब 25 किमी लंबे कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य मार्च 2019 तक निर्धारित किया गया है, जिसके तहत कोटद्वार रेलवे स्टेशन से नजीबाबाद तक लाइन के दोनों ओर गड्ढे खोदकर खंभे लगाने का काम शुरू हो गया है। स्टेशन मास्टर रामाश्रय राम ने बताया कि डीजल के इंजन में ईंधन की खपत ज्यादा होती है। इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों में समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी।
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