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जौजस देई, राजिखुशी राखी मेरा सिद्धबली बाबा...
Updated Sat, 01 Dec 2018 10:15 PM IST
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कोटद्वार। श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव का दूसरा दिन गढ़वाली भजन संध्या गायिका संगीता ढौंडियाल के नाम रहा। संगीता और उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक भक्ति रचनाओं की प्रस्तुति देकर सिद्धबली धाम का माहौल भक्तिमय किया। सैकड़ों की तादाद में पहुंचे श्रद्धालु देर शाम तक भजनों की प्रस्तुतियों पर झूमते रहे।
शनिवार को मंदिर परिसर में श्री सिद्धबली मंदिर समिति की ओर से आयोजित भजन संध्या में गायिका संगीता ढौंडियाल ने भजनों के माध्यम से सिद्धबली बाबा और माता भगवती का गुणगान किया। उन्होंने जौ जस देई, राजि खुशी राखी मेरा सिद्धबली बाबा..भजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने नंदा राजजात पर आधारित झांकी के साथ तेरी डोली सजीगे..., देवी ज्वालपा देवी तू दैंणी होई जै.., मधुवन मां मुरुलि बजीगे.., मेरा भोले बाबा कैलाश मां नाचण लगी गे..आदि भजनों की प्रस्तुति दी। देवी कुंजापुरी मैया दैणी होई जै भजन पर श्रद्धालु झूमने लगे। अंत में लोगों के आग्रह पर संगीता ने अपना प्रसिद्ध गढ़वाली गीत ढोल दमों बजीगेना, दगड्डा की बराती मां.. सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
भजन गायक रजनीकांत सेमवाल ने तेरा झलसा निराला मां.., जै जै गंगे मैया.., भजले शिव का नाम.., माता वैष्णो की महिमा.., अपथै सजे दी मां.. आदि भजनों की प्रस्तुति दी। गायक रवि गुसाईं के भजन मेरा कुटुम परिवार रखी राजिखुशी मां.. आदि भजनों की प्रस्तुति दी। संगीतकार विनोद चौहान के संगीत निर्देशन में ढोलक पर सुभाष पांडे, तबला पर गौरव मैठाणी, बांसुरी पर कमलेश नौटियाल और औक्टोपैड पर रवि थाना ने योगदान दिया। भक्ति संध्या का संचालन अजय जोशी ने किया।
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इंसेट
झांकी प्रतियोगिता में कीर्तन मंडली कोटड़ीढांक ने बाजी मारी
कोटद्वार। शुक्रवार को श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के पहले दिन निकाली गई शोभायात्रा में महिला मंगल दलों की झांकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें शिव कीर्तन मंडली कोटड़ीढांग ने प्रथम, हरिओम कीर्तन मंडली जौनपुर ने द्वितीय और जगदंबा कीर्तन मंडली सनेह मल्ली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा 13 कीर्तन मंडलियों को संत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
महोत्सव अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि रविवार को महोत्सव के समापन पर पहला पुस्कार पाने वाली कीर्तन मंडली को 11 हजार रुपए, दूसरे स्थान पाने वाले को 8100, तीसरे स्थान को 6100 जबकि सांत्वना के रूप में 5100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
श्री सिद्धबाबा के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं की हुजूम
कोटद्वार। महोत्सव के दूसरे दिन श्री सिद्धबली बाबा के दर्शनों के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुुओं ने मंदिर में पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। राष्ट्रीय राजमार्ग से मंदिर में पहुंचने के रास्ते में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं को हुजूम उमड़ा रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में लाइन पर लगकर सिद्धबाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगी।
महोत्सव में भंडारे के लिए लगी लंबी लाइन
कोटद्वर। श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के दूसरे दिन मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल की ओर से आयोजित विशाल भंडारा का प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने देर तक लाइन पर लगकर बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
-फोटो
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शनिवार को मंदिर परिसर में श्री सिद्धबली मंदिर समिति की ओर से आयोजित भजन संध्या में गायिका संगीता ढौंडियाल ने भजनों के माध्यम से सिद्धबली बाबा और माता भगवती का गुणगान किया। उन्होंने जौ जस देई, राजि खुशी राखी मेरा सिद्धबली बाबा..भजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने नंदा राजजात पर आधारित झांकी के साथ तेरी डोली सजीगे..., देवी ज्वालपा देवी तू दैंणी होई जै.., मधुवन मां मुरुलि बजीगे.., मेरा भोले बाबा कैलाश मां नाचण लगी गे..आदि भजनों की प्रस्तुति दी। देवी कुंजापुरी मैया दैणी होई जै भजन पर श्रद्धालु झूमने लगे। अंत में लोगों के आग्रह पर संगीता ने अपना प्रसिद्ध गढ़वाली गीत ढोल दमों बजीगेना, दगड्डा की बराती मां.. सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
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भजन गायक रजनीकांत सेमवाल ने तेरा झलसा निराला मां.., जै जै गंगे मैया.., भजले शिव का नाम.., माता वैष्णो की महिमा.., अपथै सजे दी मां.. आदि भजनों की प्रस्तुति दी। गायक रवि गुसाईं के भजन मेरा कुटुम परिवार रखी राजिखुशी मां.. आदि भजनों की प्रस्तुति दी। संगीतकार विनोद चौहान के संगीत निर्देशन में ढोलक पर सुभाष पांडे, तबला पर गौरव मैठाणी, बांसुरी पर कमलेश नौटियाल और औक्टोपैड पर रवि थाना ने योगदान दिया। भक्ति संध्या का संचालन अजय जोशी ने किया।
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झांकी प्रतियोगिता में कीर्तन मंडली कोटड़ीढांक ने बाजी मारी
कोटद्वार। शुक्रवार को श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के पहले दिन निकाली गई शोभायात्रा में महिला मंगल दलों की झांकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें शिव कीर्तन मंडली कोटड़ीढांग ने प्रथम, हरिओम कीर्तन मंडली जौनपुर ने द्वितीय और जगदंबा कीर्तन मंडली सनेह मल्ली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा 13 कीर्तन मंडलियों को संत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
महोत्सव अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि रविवार को महोत्सव के समापन पर पहला पुस्कार पाने वाली कीर्तन मंडली को 11 हजार रुपए, दूसरे स्थान पाने वाले को 8100, तीसरे स्थान को 6100 जबकि सांत्वना के रूप में 5100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
श्री सिद्धबाबा के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं की हुजूम
कोटद्वार। महोत्सव के दूसरे दिन श्री सिद्धबली बाबा के दर्शनों के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुुओं ने मंदिर में पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। राष्ट्रीय राजमार्ग से मंदिर में पहुंचने के रास्ते में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं को हुजूम उमड़ा रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में लाइन पर लगकर सिद्धबाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगी।
महोत्सव में भंडारे के लिए लगी लंबी लाइन
कोटद्वर। श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के दूसरे दिन मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल की ओर से आयोजित विशाल भंडारा का प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने देर तक लाइन पर लगकर बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
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