{"_id":"5bb4f53b867a557fea11a51d","slug":"161538585915-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम के खिलाफ पब्लिक न्यूसेंस का परिवाद दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम के खिलाफ पब्लिक न्यूसेंस का परिवाद दायर
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। सड़कों पर लावारिस पशुओं के जमघट से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर एडवोकेट अनिल खंतवाल ने एसडीएम कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ परिवाद दायर किया है। एसडीएम कोर्ट के आदेश पर हुई पुलिस की जांच में पब्लिक न्यूसेंस की पुष्टि होने पर कोर्ट ने नगर निगम का जवाब तलब किया है।
एडवोकेट अनिल खंतवाल ने सीआरपीसी की धारा 133 (पब्लिक न्यूसेंस) के तहत एसडीएम कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ परिवाद दायर किया है। परिवादी का कहना है कि कोटद्वार नगर निगम में शामिल शहर से लेकर गांव तक के क्षेत्र में लावारिस पशुओं की तादात इतनी अधिक हो गई है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लावारिस पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि हर दिन लोग चोटिल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई हादसों में लोग जान तक गंवा चुके हैं। राहगीरों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। खंतवाल का कहना है कि लोक महत्व के इस प्रश्न को उन्होंने एसडीएम कोर्ट में परिवाद के रूप में दायर किया है। कहा कि सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का जिम्मा नगर निगम का है। परिवाद का संज्ञान लेते हुए परगना मजिस्ट्रेट कमलेश मेहता ने कोतवाली पुलिस से मामले की जांच करवाई, जिसमें लावारिस पशुओं के जमघट से ट्रैफिक बाधित होने, आए दिन पशुओं की लड़ाई में लोगों के चोटिल होने और लोक बाधा पहुंचने की पुष्टि हुई है। एसडीएम कोर्ट ने नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त को एक सप्ताह के भीतर पब्लिक न्यूसेंस फैला रहे पशुओं को क्षेत्र से हटाने के आदेश देते हुए जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
एडवोकेट अनिल खंतवाल ने सीआरपीसी की धारा 133 (पब्लिक न्यूसेंस) के तहत एसडीएम कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ परिवाद दायर किया है। परिवादी का कहना है कि कोटद्वार नगर निगम में शामिल शहर से लेकर गांव तक के क्षेत्र में लावारिस पशुओं की तादात इतनी अधिक हो गई है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लावारिस पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि हर दिन लोग चोटिल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई हादसों में लोग जान तक गंवा चुके हैं। राहगीरों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। खंतवाल का कहना है कि लोक महत्व के इस प्रश्न को उन्होंने एसडीएम कोर्ट में परिवाद के रूप में दायर किया है। कहा कि सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का जिम्मा नगर निगम का है। परिवाद का संज्ञान लेते हुए परगना मजिस्ट्रेट कमलेश मेहता ने कोतवाली पुलिस से मामले की जांच करवाई, जिसमें लावारिस पशुओं के जमघट से ट्रैफिक बाधित होने, आए दिन पशुओं की लड़ाई में लोगों के चोटिल होने और लोक बाधा पहुंचने की पुष्टि हुई है। एसडीएम कोर्ट ने नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त को एक सप्ताह के भीतर पब्लिक न्यूसेंस फैला रहे पशुओं को क्षेत्र से हटाने के आदेश देते हुए जवाब तलब किया है।
विज्ञापन