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लोनिवि कर्मचारियों को मिले पुरानी पेंशन योजना का लाभ
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। लोनिवि नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ की बैठक में सरकार से पुरानी पेंशन का लाभ देने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया तो संघ को विवश होकर कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ेगी।
लोनिवि निरीक्षण भवन कोटद्वार में आयोजित संघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला संयुक्त मंत्री संतोष जखमोला ने पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की कार्यवाही की जानकारी दी। दुगड्डा के खंडीय सचिव घनानंद बहुगुणा और लैंसडौन के खंडीय सचिव विजय सिंह ने बताया कि संगठन लोनिवि के फील्ड में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 25 से 30 साल की सेवा करने के बाद वर्कचार्ज से सेवानिवृत्ति तक की गई सेवाओं को जोड़ते हुए पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग कर रही है, लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण संगठन को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हाईकोर्ट ने इस मसले को एक साल पूर्व निस्तारित करते हुए सरकार को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने के आदेश दिए। इस पर सरकार और विभाग की ओर से इस मामले में राजकोषीय घाटा होने का हवाला देते हुए पुन: विशेष अपील दायर की गई। इस अपील को निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को पेंशन देने के आदेश विभाग और प्रदेश सरकार को दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी विशेष अपील को निरस्त कर दिया है। बैठक में देवेंद्र ध्यानी, जगदीश सिंह, दर्शन सिंह व राकेश सिंह समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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लोनिवि निरीक्षण भवन कोटद्वार में आयोजित संघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला संयुक्त मंत्री संतोष जखमोला ने पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की कार्यवाही की जानकारी दी। दुगड्डा के खंडीय सचिव घनानंद बहुगुणा और लैंसडौन के खंडीय सचिव विजय सिंह ने बताया कि संगठन लोनिवि के फील्ड में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 25 से 30 साल की सेवा करने के बाद वर्कचार्ज से सेवानिवृत्ति तक की गई सेवाओं को जोड़ते हुए पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग कर रही है, लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण संगठन को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हाईकोर्ट ने इस मसले को एक साल पूर्व निस्तारित करते हुए सरकार को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने के आदेश दिए। इस पर सरकार और विभाग की ओर से इस मामले में राजकोषीय घाटा होने का हवाला देते हुए पुन: विशेष अपील दायर की गई। इस अपील को निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को पेंशन देने के आदेश विभाग और प्रदेश सरकार को दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी विशेष अपील को निरस्त कर दिया है। बैठक में देवेंद्र ध्यानी, जगदीश सिंह, दर्शन सिंह व राकेश सिंह समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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